अगर आप नया फोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी हो सकती है. आजकल साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं और फर्जी वेबसाइट बनाकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प रहे हैं. इसके अलावा, रिफंड वाले फेक SMS, नकली फ्लैश सेल ग्रुप्स और फर्जी ई-कॉमर्स साइट्स के जरिए भी ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये स्कैम कैसे होता है और इससे कैसे सेफ रह सकते हैं. इसकी जानकारी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, गृह मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल से दी है.
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कैसे होता है स्कैम?
आजकल साइबर अपराधी Amazon और Flipkart जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट्स बनाकर भारी डिस्काउंट का लालच देते हैं. इसके अलावा, कैश ऑन डिलीवरी के समय QR कोड स्कैन करवाकर पैसे ठग लेते हैं. कुछ मामलों में फेक EMI अप्रूवल कॉल करके OTP, UPI PIN या CVV जैसी जरूरी जानकारी मांगी जाती है. वहीं, 'ऑर्डर फेल' के नाम पर आने वाले रिफंड SMS लिंक पर क्लिक करने से फोन में वायरस (मैलवेयर) आ सकता है.
कैसे रहें सेफ?
- पेमेंट करने से पहले हमेशा वेबसाइट का URL सही है या नहीं, जरूर चेक करें.
- कभी भी अपना OTP, CVV या बैंकिंग डिटेल किसी के साथ शेयर न करें.
- पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी अनजान QR कोड स्कैन न करें.
- अपने ऑर्डर को हमेशा सिर्फ आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही ट्रैक करें.
- ऑनलाइन शॉपिंग हमेशा भरोसेमंद और वेरिफाइड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही करें.
स्कैम हो जाए तो क्या करें?
अगर आप या आपका कोई परिचित किसी तरह के स्कैम का शिकार हो जाता है तो https://cybercrime.gov.in/ पर तुरंत रिपोर्ट करें या फिर या 1930 नंबर पर कॉल करें.
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