बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री ललिता पवार के बिना बॉलीवुड की खलनायिका की छवि अधूरी लगती है. आज उनकी पुण्यतिथि पर हम ललिता पवार की उस उपलब्धि के बारे में बात करेंगे, जिसमें उन्होंने एक ही फिल्म में 17 अलग-अलग किरदार निभाए थे. 18 अप्रैल 1916 को नासिक जिले में जन्मीं ललिता पवार का असली नाम अंबा लक्ष्मण राव सगुन है. फिल्मों में आने के बाद वह ललिता पवार के नाम से मशहूर हुईं. उन्होंने 9 साल की उम्र में फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' (1928) से अपने करियर की शुरुआत कर दी. उस समय सिनेमा पूरी तरह से नया था, और एक बच्ची के रूप में कदम रखना आसान नहीं था, लेकिन ललिता ने अपने अभिनय और भाव-भंगिमाओं से सबका ध्यान खींचा.
एक ही फिल्म में निभाए 17 किरदार

समय के साथ ललिता ने मुख्य भूमिकाओं में भी कदम रखा, लेकिन उनकी प्रतिभा केवल मुख्य किरदारों तक सीमित नहीं रही. उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब आई, जब उन्होंने फिल्म 'चतुर सुंदरी' में 17 अलग-अलग किरदार निभाए. यह बेहद चुनौतीपूर्ण था. हर किरदार का स्वभाव, अंदाज और भाव अलग-अलग था, कभी गंभीर, कभी हास्यपूर्ण, कभी चालाक और कभी मासूम. दर्शक यह देखकर दंग रह गए कि यह सब एक ही अभिनेत्री ने किया है.
रामायण की मंथरा बनी थीं ललिता पंवार
ललिता पवार न सिर्फ अभिनय करती थीं, बल्कि हर किरदार में जान फूंक देती थीं. आज भी कोई अभिनेत्री उनके इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाई है. इस उपलब्धि के बाद ललिता ने अपनी कला को और भी ऊंचाइयों तक पहुंचाया. हिंदी, मराठी और गुजराती फिल्मों में उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. उनका नाम खासकर खलनायिका और क्रूर सास के किरदारों के लिए जाना जाता है. रामानंद सागर की 'रामायण' में मंथरा का किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बना ली. 24 फरवरी 1998 को ललिता पवार ने पुणे में अंतिम सांस ली, लेकिन उनकी फिल्मों, उनके किरदारों और उनके रिकॉर्ड ने उन्हें अमर बना दिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं