छोटे पर्दे के 'रावण' अरविंद त्रिवेदी का निधन, रामायण से बनाई थी घर-घर में पहचान

हिंदी के पॉपुलर टीवी शो रामायण से घर-घर पहचान बनाने वाले लंकेश यानी अरविंद त्रिवेदी ने लगभग 300 हिंदी और गुजराती फिल्मों में अभिनय किया है. 1991 में, अरविंद त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में साबरकथा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए थे और 1996 तक इस पद पर रहे.

छोटे पर्दे के 'रावण' अरविंद त्रिवेदी का निधन, रामायण से बनाई थी घर-घर में पहचान

लोकप्रिय धारावाहिक 'रामायण' में रावण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरविंद त्रिवेदी का निधन हो गया है. (फाइल फोटो)

मुंबई:

टीवी सीरियल की दुनिया के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक 'रामायण' में लंकाधिपति रावण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता और बीजेपी के पूर्व सांसद अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार (5 अक्टूबर) देर रात मुंबई में निधन हो गया. अरविंद त्रिवेदी 83 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे.

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में जन्मे अरविंद त्रिवेदी का करियर गुजराती थिएटर से शुरू हुआ था. अरविंद के भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती सिनेमा के चर्चित अभिनेता रहे हैं. गुजराती सिनेमा में वो कई बड़ी फिल्मों एक्टिंग कर चुके हैं. हिंदी के पॉपुलर टीवी शो रामायण से घर-घर पहचान बनाने वाले लंकेश यानी अरविंद त्रिवेदी ने लगभग 300 हिंदी और गुजराती फिल्मों में अभिनय किया है.

महाभारत सीरियल में अभिनय करने वाले कलाकार गजेंद्र चौहान ने ट्वीट कर उनके निधन का जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, "नहीं रहे 'रामायण' के रावण यानि अभिनेता श्री अरविंद त्रिवेदी, 82 साल की उम्र में मुंबई में ली आखिरी सांस। मंगलवार रात हार्ट अटैक से हुआ निधन। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।"

गुजराती भाषा की धार्मिक और सामाजिक फिल्मों से उन्हें गुजराती दर्शकों में पहचान मिली थी जहां उन्होंने 40 वर्षों तक योगदान दिया. त्रिवेदी ने गुजरात सरकार द्वारा प्रदान की गई गुजराती फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए सात पुरस्कार जीते थे. 2002 में उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया था.

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अरविंद त्रिवेदी ने 20 जुलाई 2002 से 16 अक्टूबर 2003 तक सीबीएफसी प्रमुख के रूप में काम किया. 1991 में, अरविंद त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में साबरकथा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए थे और 1996 तक इस पद पर रहे.