Rajendra Bharti Case: मध्यप्रदेश के चर्चित राजेंद्र भारती मामले को लेकर सियासी पारा तेज हो गया है. भारती को सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने और विधानसभा की सदस्यता निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने अदालत का रुख किया है. मामले में सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने और एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अदालत के फैसले को अंतिम सत्य बताया है. इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है.
हाईकोर्ट में कांग्रेस की याचिका, बढ़ी सुनवाई की तारीख
राजेंद्र भारती को सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद कांग्रेस ने एमपी‑एमएए कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. मामले में आज सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने तारीख बढ़ाते हुए अब 15 अप्रैल को सुनवाई तय की है. सजा के बाद विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की सदस्यता शून्य कर दी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई.
Rajendra Bharti Case: राजेंद्र भारती मामले पर सियासत गर्म
गोविंद सिंह का भाजपा पर तीखा हमला
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले भी कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला है, जो बाद में निर्दोष साबित हुए. डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा हिटलर के रास्ते पर चलने वाली सरकार है और उसे लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
डॉ गोविंद सिंह ने आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भी कांग्रेस नेतृत्व के सामने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि प्रदेश से ऐसे नेता को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए, जिसका मजबूत जनाधार हो. इससे पार्टी और संगठन दोनों को मजबूती मिलती है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान को ही करना है.
क्रॉस वोटिंग के खतरे पर बयान
राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर गोविंद सिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सभी विधायकों और नेताओं से लगातार चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अजय सिंह की राज्यसभा जाने को लेकर कोई सूची या फैसला तय नहीं है. पार्टी संगठन इस मुद्दे पर सतर्कता बरत रहा है.
गेहूं खरीदी और ओलावृष्टि पर सरकार को घेरा
डॉ. गोविंद सिंह ने प्रदेश में गेहूं खरीदी में हो रही देरी और हालिया अतिवृष्टि व ओलावृष्टि का मुद्दा भी जोर‑शोर से उठाया. उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के 20 जिलों में फसल पूरी तरह चौपट हो चुकी है. ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है और किसानों की आमदनी पूरी तरह खत्म हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक बारदाने की व्यवस्था तक नहीं कर पाई है, जो उसकी अयोग्यता को दर्शाता है.
सहकारिता समितियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
गोविंद सिंह ने दावा किया कि जिन सहकारिता समितियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन्हीं को खरीदी केंद्र दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें समय पर राहत नहीं मिल पा रही है.
भाजपा नेताओं की बंद कमरे में बैठक
इस पूरे मामले के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा से उनके निवास पर मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक बातचीत में दतिया विधानसभा सीट समेत प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई.
भाजपा का पलटवार, कांग्रेस पर गंभीर आरोप
राजेंद्र भारती मामले को लेकर भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि अपील करना राजेंद्र भारती का कानूनी अधिकार है. लेकिन इस मामले से कांग्रेस और उसके नेताओं का आपराधिक चेहरा सामने आया है. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पहले भी फैसला सुनाया है और आगे भी न्याय ही होगा.
किसानों के मुद्दे पर भाजपा का जवाब
गेहूं खरीदी और मुआवजे के सवाल पर भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार में अन्नदाता सर्वोच्च प्राथमिकता पर है. पार्टी का दावा है कि 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू हो रही है, जिसके लिए पूरा तंत्र तैयार है. भाजपा ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है और आगे भी पूरी भरपाई की जाएगी.
नियुक्तियों और नेतृत्व पर भाजपा का रुख
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और जनाधार वाले नेता को भेजने की कांग्रेस की मांग पर भाजपा ने कहा कि पहले कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए. भाजपा नेताओं ने कहा कि निगम‑मंडलों में सभी नियुक्तियां तय प्रक्रिया के तहत हो रही हैं और सामूहिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पूरा नेतृत्व इन फैसलों में शामिल है.
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