Chhattisgarh Vidhan Sabha Budget Session Day 12: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र (Chhattisgarh Vidhan Sabha Budget Session) के 12वें दिन अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियों का मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठा. विधायक अंबिका मरकाम ने धमतरी और उत्तर बस्तर कांकेर जिलों में लगातार मिल रही अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर सरकार से जवाब मांगा. उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024‑25 और 2025‑26 में अब तक मिली शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी पूछी. इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरते हुए विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की. विपक्ष ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दे रहा है, जिसके विरोध में नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन भी किया गया. मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कार्रवाई की जानकारी दी, लेकिन विपक्ष विधायकों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग दोहराई.
अंबिका मरकाम ने पूछे सीधे सवाल
विधायक अंबिका मरकाम ने वित्तीय वर्ष 2024‑25 और 2025‑26 में 31 जनवरी तक धमतरी और कांकेर में अवैध प्लाटिंग व कॉलोनियों की मिली शिकायतों की संख्या और उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी सदन के पटल पर रखी. उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है.
मंत्री टंकराम वर्मा का जवाब
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग की तीन शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच के बाद अवैध प्लाटिंग बंद कराई गई. कांकेर में पांच शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 175 खसरों में से 8 पर जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 167 खसरों की जांच जारी है. इस मामले में तीन पटवारियों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है और एक तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि अवैध प्लाटिंग रोकने के लिए प्रदेश में जिला स्तर पर समितियां गठित की गई हैं.
EOW जांच की मांग
अंबिका मरकाम ने आरोप लगाया कि कांकेर प्रकरण में अधिकारी गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और आर्थिक अपराध ब्यूरो से जांच कराने की मांग की. मंत्री ने जवाब दिया कि 14 प्रकरणों में खरीदी‑बिक्री पर रोक लगाई गई है और राजस्व अमला सक्षम रूप से कार्रवाई कर रहा है.
भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अवैध प्लाटिंग का मामला हर सत्र में उठता है, लेकिन सरकार ठोस जवाब नहीं देती. उन्होंने सवाल किया कि अब तक प्रदेश में कितनी अवैध कॉलोनियां बनीं, कितनों को नोटिस जारी हुआ और पटवारियों को कितने समय से निलंबित किया गया है. साथ ही उन्होंने विधानसभा समिति या उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी.
विपक्ष नाराज, वॉक आउट
विधायक ओंकार साहू और अजय चंद्राकर ने भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए. अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि SIR के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई, तो यह स्पष्ट किया जाए कि अवैध कब्जा कब से था और उस पर क्या कार्रवाई होगी. मंत्री ने समयसीमा बताने से इनकार किया, लेकिन कार्रवाई का आश्वासन दिया. जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन किया.
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