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चरणामृत पीने के क्या फायदे हैं, चरणामृत लेने का सही तरीका क्या है? जानिए क्या कहता है आयुर्वेद

Charanamrit Benefits: चरणामृत को लाभकारी बताया है. उन्होंने अपने एक वीडियो में बताया कि चरणामृत का सेवन हर हाल में किया जाना चाहिए. भारतीय संस्कृति में धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाओं का गहरा महत्व है.

चरणामृत पीने के क्या फायदे हैं, चरणामृत लेने का सही तरीका क्या है? जानिए क्या कहता है आयुर्वेद
चरणामृत पीने के क्या फायदे हैं?
file photo

Charanamrit Benefits: चरणामृत केवल एक धार्मिक प्रसाद नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी है. इसमें मौजूद चीजें शरीर और मन दोनों को शुद्ध करने का काम करती हैं और कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं. प्रेमानंद महाराज ने भी चरणामृत को लाभकारी बताया है. उन्होंने अपने एक वीडियो में बताया कि चरणामृत का सेवन हर हाल में किया जाना चाहिए. भारतीय संस्कृति में धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाओं का गहरा महत्व है.

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दरअसल, चरणामृत, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'चरणों का अमृत,' पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में दिया जाने वाला एक पवित्र पेय है. चरणामृत में कई चीजें जैसे दूध, दही, घी, शहद, तुलसी के पत्ते, केले, गुड़, बिना बीज वाली खजूर, मिश्री, इलायची और घी जैदी चीजों के मिश्रण से बनाया जाता है. चरणामृत का उद्देश्य न केवल आध्यात्मिक शुद्धि है, बल्कि इसका सेवन शरीर के लिए लाभकारी भी माना जाता है.

चरणामृत लेने का सही तरीका क्या है?

हिंदू धर्म में चरणामृत ग्रहण करने के विशेष नियम बताए गए हैं. चरणामृत हमेशा दाहिने हाथ से लेना चाहिए. अपने दाहिने हाथ के नीचे बाएं हाथ को रखें और हथेली को 'गोकर्ण' यानी गाय के कान की मुद्रा में मोड़ें. हथेली में आए चरणामृत को बड़ी श्रद्धा के साथ सीधे मुख में डालें. इसे पीते समय जीभ से स्पर्श करने के बजाय सीधे गले से उतारने का प्रयास करें. चरणामृत पीने के बाद अपने हाथ को सिर पर कभी न पोंछें. शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

आयुर्वेद में चरणामृत के फायदे

चरणामृत अक्सर तांबे या पीतल के पात्र में रखा जाता है, जिससे उसमें कई रोगों से लड़ने की शक्ति आ जाती है और यह इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. तुलसी के पत्ते मिलाने से यह और शक्तिशाली हो जाता है. यह मस्तिष्क को शांति और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है. यह अहंकार को खत्म कर विनम्रता और भक्ति भाव जगाता है और नकारात्मक एनर्जी को समाप्त कर मानसिक शांति देता है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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