रक्षाबंधन पर अगर आप अपने भाई के लिए कुछ खास करना चाहते हैं और साथ ही पर्यावरण की भी चिंता करते हैं, तो इस बार बाजार की प्लास्टिक वाली राखियों की जगह घर पर बनी ईको-फ्रेंडली हैंडमेड राखी चुनें. यह राखी न सिर्फ आपके प्यार को खास बनाएगी, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान से बचाने में मदद करेगी. थोड़ी-सी रचनात्मकता और घर में मौजूद सामान से आप खूबसूरत और टिकाऊ राखी तैयार कर सकते हैं.
क्यों चुनें ईको-फ्रेंडली राखी
बाजार में मिलने वाली कई राखियों में प्लास्टिक, ग्लिटर और सिंथेटिक धागों का इस्तेमाल होता है, जो आसानी से नष्ट नहीं होते. ऐसे में प्राकृतिक सामग्री से बनी राखी पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है.
राखी बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए
ईको-फ्रेंडली राखी बनाने के लिए सूती या जूट का धागा, पुराने कपड़े के टुकड़े, सूखे फूल, लकड़ी या मिट्टी के मोती, रंगीन कागज और छोटे बीज जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है.
ऐसे दें राखी को खूबसूरत लुक
राखी के बीच में कपड़े का फूल, लकड़ी का छोटा डिजाइन, मिट्टी का पदक, दालचीनी की स्टिक या रंगीन कागज से बना छोटा सजावटी हिस्सा लगाकर इसे आकर्षक बनाया जा सकता है. चाहें तो बीज वाली राखी बनाकर इसे यादगार भी बना सकते हैं.
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धागा और खुशबू का रखें ध्यान
राखी के लिए हमेशा सूती, जूट या ऊनी धागा चुनें. इसे गूंथकर मजबूत और सुंदर बनाया जा सकता है. वहीं, चंदन या गुलाब के एसेंशियल ऑयल की एक-दो बूंदें डालकर राखी को प्राकृतिक खुशबू भी दी जा सकती है.
प्यार के साथ दें प्रकृति की सुरक्षा का संदेश
इस रक्षाबंधन पर हैंडमेड ईको-फ्रेंडली राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी खूबसूरत संदेश देगी. ऐसी राखी त्योहार की मिठास को और भी खास बना सकती है.
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