
न्यूयॉर्क:
एक समय था जब बच्चों तक से लेकर बढ़ों में वीडियो गेम को लेकर काफी क्रेज था, लेकिन स्मार्टफोन आने के बाद वीडियो गेम कहां खो गई पता ही नहीं चला. पर अब शोधकर्ताओं ने पाया है कि अवसाद के प्रभावी उपचार में वीडियो गेम खेलना काफी मददगार साबित हो सकता है. वीडियो गेम दिमाग को प्रशिक्षित करने में मदद करता है. शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि विशेष तौर पर डिजाइन किए हुए वीडियो गेम खेलने से लोगों को उनके अवसाद पर काबू पाने में मदद मिली है.
इस तरह के वीडियो गेम में आंतरिक (रासायनिक असंतुलन या आनुवांशिक कारकों) या बाह्य कारकों (नौकरी या दूसरे मुद्दों या संबंधों) की वजह से होने वाले अवसाद को खत्म करने की क्षमता होती है.
अमेरिका के डेविस में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की सुबुही खान ने कहा, "सावधानीपूर्वक बनाए गए प्रेरक संदेश के उपयोग से संदेश मिलता है कि मानसिक स्वास्थ्य वाले वीडियो गेम का अधिक व्यावहारिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है."
शोधकर्ताओं ने जैविक कारकों के आंतरिक परिवर्तन को अवसाद की वजह बताते हुए इसमें प्रतिभागियों को वीडियो गेम आधारित एप दिमाग को प्रशिक्षित करने के लिए दिए, जिससे अपने अवसाद को नियंत्रित करने के लिए वे कुछ करें.
शोधकर्ताओं ने कहा कि यह दूसरे शोधों का समर्थन करता है, जो दिखाते हैं कि मस्तिष्क प्रशिक्षण वाले खेलों में संज्ञानात्मक परिवर्तन की क्षमता होती है.
दूसरी तरफ अवसाद को बाह्य कारकों की स्थिति मानते हुए प्रतिभागियों को ज्यादा समय खेल को देने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे फिर उन्हें अपनी स्थिति पर नियंत्रण रखने में मदद मिली.
शोध में पाया गया कि वीडियो गेम खेलने से तात्कालिक प्रभाव पड़ता है लेकिन दीर्घकालिक लाभ की संभावना कम होती है. इस शोध का प्रकाशन 'कंप्यूटर्स इन ह्यूमन बिहैवियर' में किया गया है.
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट
इस तरह के वीडियो गेम में आंतरिक (रासायनिक असंतुलन या आनुवांशिक कारकों) या बाह्य कारकों (नौकरी या दूसरे मुद्दों या संबंधों) की वजह से होने वाले अवसाद को खत्म करने की क्षमता होती है.
अमेरिका के डेविस में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की सुबुही खान ने कहा, "सावधानीपूर्वक बनाए गए प्रेरक संदेश के उपयोग से संदेश मिलता है कि मानसिक स्वास्थ्य वाले वीडियो गेम का अधिक व्यावहारिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है."
शोधकर्ताओं ने जैविक कारकों के आंतरिक परिवर्तन को अवसाद की वजह बताते हुए इसमें प्रतिभागियों को वीडियो गेम आधारित एप दिमाग को प्रशिक्षित करने के लिए दिए, जिससे अपने अवसाद को नियंत्रित करने के लिए वे कुछ करें.
शोधकर्ताओं ने कहा कि यह दूसरे शोधों का समर्थन करता है, जो दिखाते हैं कि मस्तिष्क प्रशिक्षण वाले खेलों में संज्ञानात्मक परिवर्तन की क्षमता होती है.
दूसरी तरफ अवसाद को बाह्य कारकों की स्थिति मानते हुए प्रतिभागियों को ज्यादा समय खेल को देने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे फिर उन्हें अपनी स्थिति पर नियंत्रण रखने में मदद मिली.
शोध में पाया गया कि वीडियो गेम खेलने से तात्कालिक प्रभाव पड़ता है लेकिन दीर्घकालिक लाभ की संभावना कम होती है. इस शोध का प्रकाशन 'कंप्यूटर्स इन ह्यूमन बिहैवियर' में किया गया है.
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट
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