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Piles Cure: बवासीर का तोड़ है इस पेड़ का पत्ता, बस पता होना चाहिए इस्तेमाल करने का तरीका

Kachnar Ke Phool Ke Fayde: आज की जीवनशैली ऐसी है कि घंटों तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना पड़ता है, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो गई है. शारीरिक गतिविधि के कम होने से शरीर में बहुत सारी बीमारियां पनपने लगती हैं, और सबसे ज्यादा युवाओं से लेकर बुजुर्गों में बवासीर की परेशानी देखी जा रही है. 

Piles Cure: बवासीर का तोड़ है इस पेड़ का पत्ता, बस पता होना चाहिए इस्तेमाल करने का तरीका
कचनार के बवासीर में मुख्य फायदे

Kachnar Ke Phool Ke Fayde: आज की जीवनशैली ऐसी है कि घंटों तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना पड़ता है, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो गई है. शारीरिक गतिविधि के कम होने से शरीर में बहुत सारी बीमारियां पनपने लगती हैं, और सबसे ज्यादा युवाओं से लेकर बुजुर्गों में बवासीर की परेशानी देखी जा रही है. रिसर्चगेट द्वारा की गई एक रिसर्च में भी कचनार के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया गया है. 

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बवासीर क्या है?

गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह देता है, लेकिन कई बार ऑपरेशन के बाद दोबारा वही परेशानी होने लगती है, इसलिए इस बीमारी की जड़ पर काम करना जरूरी है.

बवासीर ऑपरेशन के बाद सावधानियां

लोगों के बीच धारणा है कि ऑपरेशन के बाद बवासीर के मस्से दोबारा नहीं होते, लेकिन ऐसा नहीं है. ऑपरेशन के दौरान बीमारी को जड़ से खत्म नहीं किया जाता, बल्कि ऊपरी सतह से हटा दिया जाता है. ऐसे में आयुर्वेद में कचनार के पेड़ की छाल को बहुत उपयोगी बताया गया है. आयुर्वेद में कचनार को बवासीर के लिए जादुई औषधि बताया गया है, जिससे मस्से ठीक होते हैं और दोबारा आने की संभावना भी कम हो जाती है.

कचनारी से कौन-कौन से रोग ठीक होते हैं?

आयुर्वेद में कचनार की जड़ को मस्से सुखाने का रामबाण इलाज माना गया है. कचनार की जड़ में पुराने से पुराने मस्सों को ठीक करने की क्षमता होती है. इसके लिए पुराने कचनार के पेड़ की जड़ को सुखाकर पाउडर बनाकर प्रयोग में लाना चाहिए. माना जाता है कि पेड़ जितना पुराना होता है, उसकी जड़ में उतने ही औषधीय गुण छिपे होते हैं.

कचनार का उपयोग कैसे करें

अगर कचनार की जड़ का पाउडर खाना नहीं चाहते हैं तो आप इसका लेप बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए कचनार की सूखी जड़ का पाउडर और हल्दी और नारियल का तेल मिलाकर एक लेप तैयार कर लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं, इससे धीरे-धीरे मस्से सूखने लगेंगे और धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे. कचनार की जड़ों का इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें.

कचनार के और क्या फायदे हैं?

कचनार के फूल और छाल का प्रयोग अन्य रोगों को ठीक करने में भी किया जाता है. कचनार के फूल डायबिटीज को नियंत्रित करने में कारगर साबित होते हैं, बस उनके सेवन की विधि का पता होना चाहिए. कचनार के फूल का पाउडर आसानी से बाजार में मिल जाता है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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