How to Choose Your Shampoo: अक्सर लोग शैम्पू की क्वालिटी का अंदाजा उसके झाग से लगाते हैं, जितना ज्यादा फोम, उतनी अच्छी सफाई. यही सोच सालों से हमारे दिमाग में बैठी हुई है. टीवी ऐड से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल तक, झाग को ही क्लीन बालों की निशानी माना जाता है. लेकिन क्या सच में ऐसा है? एक्सपर्ट डॉ. एरिका बंसल और स्किन केयर से जुड़ी स्टडीज कुछ और ही इशारा करती हैं. दरअसल, जो ज्यादा झाग हमें अच्छा लगता है, वही कई बार हमारे बालों और स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स को नुकसान पहुंचा सकता है. यही वजह है कि बाल धोने के बाद कई लोगों को ड्रायनेस, रूखापन और फ्रिजी हेयर की समस्या का सामना करना पड़ता है.
झाग के पीछे छिपा केमिकल खेल
शैम्पू में झाग बनाने वाले केमिकल होते हैं, जिन्हें सर्फेक्टेंट्स (Surfactants) कहा जाता है. सर्फेक्टेंट्स एक तरह के क्लिंजिंग केमिकल होते हैं, जिनमें कुछ सल्फेट जैसे स्ट्रॉन्ग और कुछ माइल्ड कंपोनेंट्स शामिल होते हैं. ये गंदगी और ऑयल को हटाने में असरदार होते हैं, लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा सफाई कर देते हैं. स्किन केयर एक्सपर्ट्स डॉ. एरिका बंसल के मुताबिक, ये तत्व स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स को भी हटा देते हैं, जो बालों को हेल्दी और मॉइस्चराइज रखने के लिए जरूरी होते हैं.

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क्यों बढ़ जाती है बालों की ड्रायनेस
जब बालों से नेचुरल ऑयल हट जाता है, तो उनकी नमी कम हो जाती है. इससे बाल रूखे, बेजान और उलझने वाले हो जाते हैं. खासकर पतले बालों में यह असर ज्यादा जल्दी दिखता है. कई बार बाल इतने फ्रिजी हो जाते हैं कि उन्हें मैनेज करना मुश्किल हो जाता है और कंघी करते वक्त टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है.
कम झाग मतलब खराब सफाई?
यह सबसे बड़ा मिथ है. कम झाग वाला शैम्पू भी उतनी ही अच्छी तरह से बाल साफ कर सकता है, बस वह ज्यादा जेंटल होता है. यही वजह है कि आजकल सल्फेट-फ्री या लो-डिटर्जेंट शैम्पू को बेहतर माना जा रहा है, क्योंकि ये बालों की नमी को बनाए रखते हुए सफाई करते हैं.
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सही शैम्पू चुनने का आसान तरीका
अगर आपके बाल ड्राई, पतले या जल्दी उलझने वाले हैं, तो ज्यादा झाग वाले शैम्पू से बचना बेहतर हो सकता है. ऐसे में माइल्ड और सल्फेट-फ्री ऑप्शन चुनना ज्यादा सही रहता है. साथ ही बार-बार बाल धोने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्कैल्प और ज्यादा ड्राई हो सकता है.
समझने वाली आखिरी बात
बालों की हेल्थ सिर्फ साफ करने से नहीं, बल्कि उन्हें सही तरीके से केयर करने से बनती है. इसलिए अगली बार शैम्पू खरीदते वक्त झाग नहीं, उसके इंग्रीडिएंट्स पर ध्यान दें. यही छोटी सी आदत आपके बालों को ड्राय और फ्रिजी होने से बचा सकती है.
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