Monsoon Gardening : गुड़हल का फूल घर की छत, बालकनी और गमलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ बगीचे को भी आकर्षक बना देता है. इसलिए कई लोग इसे अपने घरों में लगाना पसंद करते हैं. अगर आप भी गुड़हल का नया पौधा तैयार करना चाहते हैं, तो मानसून का मौसम इसके लिए अच्छा समय हो सकता है. बारिश के दौरान वातावरण में नमी बनी रहती है, जिससे कटिंग को जड़ें विकसित करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, ज्यादा पानी और लगातार बारिश कटिंग को नुकसान भी पहुंचा सकती है. ऐसे में सही तरीका अपनाना जरूरी है. आइए जानते हैं गुड़हल की कटिंग लगाने का तरीका और मानसून में इसकी देखभाल कैसे करें -
सबसे पहले चुनें हेल्दी कटिंग
गुड़हल की कटिंग से पौधा तैयार करने के लिए मजबूत शाखा चुनें. इस दौरान करीब 5-6 इंच लंबी कटिंग लें और इसे नोड के ठीक नीचे लगभग 45 डिग्री के कोण पर काटें. बहुत कमजोर या जिसमें कोई बीमारी दिखे, उस पौधे से कटिंग लेने से बचें.

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कैसी होनी चाहिए मिट्टी?
कटिंग लगाने के लिए ऐसी मिट्टी चुनें जो हल्की, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली हो. गमले में ऐसा पॉटिंग मिक्स इस्तेमाल करें, जिसमें पानी जमा न हो. कटिंग को मिट्टी में सावधानी से दबाएं और आसपास की मिट्टी को हल्के हाथों से दबा दें. इसके बाद थोड़ा पानी छिड़कें.
पानी देते समय रखें खास ध्यान
मानसून में लगातार बारिश होने के कारण गुड़हल की कटिंग में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो सकता है. इसलिए मिट्टी को केवल हल्का नम रखें. अगर गमले या ग्रो बैग में पानी भर जाए, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दें. जलभराव से कटिंग के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है.
जड़ें बनने में लगता है 4-6 हफ्तों का समय
कटिंग लगाने के बाद उसे बार-बार निकालकर जड़ों को चेक न करें. आमतौर पर जड़ें विकसित होने में करीब 4-6 सप्ताह लग सकते हैं. इस दौरान कटिंग को तेज बारिश और सीधी तेज धूप से बचाकर रखें. मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है.

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कटिंग में पत्तियां आने पर करें ट्रांसफर
जब कटिंग पर नई पत्तियां आने लगें, तो यह जड़ें बनने का संकेत हो सकता है. इसके बाद पौधे को बड़े गमले में शिफ्ट किया जा सकता है. ट्रांसफर के लिए सुबह या शाम का समय बेहतर रहेगा. पौधे को अचानक तेज धूप में रखने के बजाय धीरे-धीरे रोशनी के अनुकूल करें.
मानसून में गुड़हल लगाने के फायदे
मानसून के दौरान हवा में नमी अधिक रहती है, जो नई कटिंग के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती है. पर्याप्त नमी से कटिंग को जड़ें विकसित करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, अच्छी जल निकासी और पानी इस दौरान सबसे जरूरी है.
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