Lal Matka vs Kala Matka: गर्मियों में मटके की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन बाजार में दो रंग लाल और काला मटके मिलने के कारण लोग अक्सर कन्फ्यूज़्ड रहते हैं कौनसा मटका खरीदें. अगर आपके भी मन में यही सवाल आता है, तो ये स्टोरी आपके लिए ही है. चलिए जानते हैं, इन दोनों में से कौनसा मटका स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और किसमें पानी ज्यादा देर तक ठंडा रहता है.

लाल मटके के फायदे
लाल मटके को नॉर्मल मिट्टी से बनाया जाता है. इसका दाम भी किफायती होता है. वहीं, इसमें छिद्रयुक्त की मात्रा कम पाई जाती है, गर्मियों में ये मटका पानी को जल्दी तो ठंडा कर देता है, लेकिन लंबे समय तक ठंडा नहीं रख पाता. अगर इसके पानी को पीने से होने वाले स्वास्थ्य लाभों की बात करें, तो बता दें लाल मटके का पानी शरीर के पीएच लेवल को बैलन्स करने में मदद करता है, जिससे एसिडिटी, गैस्ट्रिक समस्याओं और अपच में राहत मिलती है साथ ही अगर आप गर्मियों में इस रंग के मटके का पानी पीते हैं, तो गले से जुड़ी दिक्कतों से भी राहत पा सकते हैं.
काले मटके के फायदे
काले मटके को काली मिट्टी से बनाया जाता है. अगर आप काले रंग का मटका घर लाते हैं, तो आपको दो फायदे मिल सकते हैं पहला इसमें बैक्टीरिया कम पनपते हैं और दूसरा इस मटके में साधारण मटकों की तुलना में सूक्ष्म छिद्र ज्यादा होते हैं, जिसके कारण इसका पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है.नियमित रूप से इस रंग के मटके का पानी पीने से पाचन में सुधार, गले की खराश को कम, मेटाबॉलिज्म को तेज और मिनरल्स की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है.
आप अपनी जरूरत के हिसाब से लाल और काले रंग के मटके में से कोई भी मटका घर ला सकते हैं.
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