गर्मी में हर कोई नींबू पानी पीना पसंद करता है, लेकिन नींबू इन दिनों बेहद महंगे आ रहे हैं. आप चाहते हैं कि नींबू खरीदने पर पैसा ना खर्च करें, तो आप गमले में इस ट्रिक से नींबू का पौधा लगा लें. फिर देखिए आपके पौधे मे कैसे भर भरकर नींबू आते हैं. गार्डनिंग एक्सपर्ट राजकुमार कहते हैं कि अगर नींबू के पौधे में नींबू नहीं आ रहे हैं या कम आ रहे हैं तो यह दो रुपये की चीज डाल दें. फिर देखिए कैसे पौधा नींबू से लद जाता है.
गार्डनिंग एक्सपर्ट राजकुमार कहते हैं कि नींबू का पौधा घर में लगाना एक अच्छा अनुभव है, लेकिन कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनके पौधे में फूल या फल नहीं आ रहे हैं. अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं तो समस्या से परेशान हैं, तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है. गार्डनिंग एक्सपर्ट एक ऐसा जादुई ने एक ऐसा जादुई तरीका बता रहे हैं, इससे आपका नींबू का पौधा फलों से लद जाएगा.
यह सफेद पाउडर से आएंगे नींब
आपके नींबू के पौधे में नींबू आए तो आप यह सफेद पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह है पौधे में टॉनिक जैसा काम करता है. वैसे माली का तरीका आजमाने से पहले आपको नींबू की सही किस्म लगाना जरूरी है. मिट्टी का मिश्रण अच्छे से तैयार कर लें. आप नींबू का पौधा लगा रहे हैं तो आप गमला बड़ा रखें. इससे जब नींबू का पौधा बड़ा होगा तो उसको पर्याप्त जगह मिल जाएगी. पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए सही गमले का चुनाव करें , ताकि नींबू की जड़ें आसानी से फैल जाएं , इसलिए इसे 14, 16 या 18 इंच के गमले में ही नींबू का पौधा लगाएं. अगर 12 इंच का गमला ले रहे हैं तो एक साल में ही बदलना पड़ जाएगा. इस पौधे के लिए ग्रो बैग या मिट्टी का गमला सबसे अच्छा माना गया है. इसमें हवा अच्छे से पास होती है. सीमेंट का गमला आखिरी ऑप्शन के तौर पर चुनें.
नींबू का यह वाला पौधा लगाइए
फिर सही नींबू का पौधे का चुनाव करें. गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक आपको देसी नींबू का पौधा लगाना चाहिए. यह देसी नींबू आसानी से बढ़ जाता है और फल भी ज्यादा आते हैं. दरअसल, देसी नींबू की पहचान है कि उसकी पत्तियां पतली और चिकनी होती हैं. इसी नस्ल के पौधे के नींबू का अचार भी डाला जाता है. दरअसल, इसके नींबू का छिलका पतला होता है और नींबू का आचार जल्दी गल जाता है.
नींबू का पौधा लगाने का यह है तरीका
अगर आप नर्सरी से पौधा ला रहे हैं, तो लाते ही बड़े गमले में लगा दें. इसमें 90 प्रतिशत गार्डन मिट्टी और 10 प्रतिशत कंपोस्ट खाद (गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट) को मिला लें. गमले को आप ऊपर तक भर लें. अब बीच में एक गड्ढा करके उसमें थोड़ी नीम की खली डाल दें, इससे जड़ों में फंगस नहीं लगेगी। अब नर्सरी से लाए पौधे को इस गड्ढे में फिट करें और पानी डाल दें. नींबू के पौधे को समय-समय पर पोषण देना बहुत जरूरी होता है. ऐसे में जब आपका पौधा लग जाए, तो हर महीने थोड़ी-थोड़ी गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट डाल दें. यह खाद पौधों को सभी जरूरी पोषक तत्व मिला दें. आप गुड़ाई करने के बाद मिट्टी के ऊपरी हिस्से पर ही इस खाद को अच्छे से फैला दें.
जादुई खाद का करें इस्तेमाल
दरअसल, यह वही 2 रुपये का जादुई पाउडर है, जो नींबू के पौधे को फलों से भर देता है. दरअसल एप्सम सॉल्ट में मैग्नीशियम मिला होता है, जो पौधों में क्लोरोफिल बनाने में कारगर है और फूलों को गिरने से रोकता है. आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट को 1 लीटर पानी में अच्छे से मिला लें. इसे हर 3 महीने में एक बार डालना चाहिए. अगर आपके घर में खारा पानी आ रहा है, तो एप्सम सॉल्ट का इस्तेमाल बहुत कम मात्रा में करें या ना ही करें. इससे मिट्टी में नमक की मात्रा बढ़ने की संभावना रहती है.
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