गर्मियां अपने चरम पर हैं, तेज धूप, गर्म हवाओं ने लोगों के हाल-बेहाल कर रखे हैं. कई शहरों में तो टेंपरेचर 48 डिग्री तक पहुंच गया है. इस तरह में लोग घरों पर एसी और कूलर चलाने लग जाते हैं. ऐसे में जिन घरों में AC नहीं है, वहां कूलर ही सबसे बड़ा सहारा बनता है. लेकिन कूलर से साथ परेशानी तब आती है जब कूलर भी भीषण गर्मी में फेल हो जाता है. कूलर चलाने पर गर्मी तो कम नहीं होती है बल्कि उमस हो जाती है. उमस होने पर कमरे में बैठना भी मुश्किल हो जाता है. कमरे में गर्म हवा जैसी फील होने लगता है. कई लोग इसे कूलर की खराबी या फिर बढ़ी हुई गर्मी का असर मानते हैं, जबकि असली दिक्कत अक्सर कमरे की सेटिंग में होती है.
अगर आपका कूलर भी ठंडी हवा नहीं दे रहा, तो हो सकता है कि आपके कमरे की सेटिंग और कूलर रखने की जगह सही न हो. चलिए आपको बताते हैं ऐसे चेंज जो बिना ज्यादा खर्च किए आपके कमरे को काफी ठंडा बना सकता है.
बंद कमरा बना देता है कूलर को बेकार
अगर आपने कूलर लगा रखा है तो आपको अपने कमरे को पूरी तरह से पैक कर लेते हैं. ये सबसे बड़ी गलती होती है. दरअसल कूलर को लगाते समय आपको वेटिंलेशन का पूरा ध्यान रखना चाहिए. जिससे कि कूलर कमरे को सही से ठंडा कर पाए.
बता दें कि कूलर AC की तरह काम नहीं करता है. कूलर हवा में नमी बढ़ाकर कमरे को ठंडा करता है. अगर कमरे में हवा आने और बाहर निकलने का रास्ता नहीं होगा तो कूलर ठंडा नहीं करेगा और कमरे में उमस हो जाएगी. कूलर की हवा भी गर्म लगने लगती है. इसलिए कूलर को हमेशा खुली जगह और बाहर की तरफ रखा जाता है.
बस ये छोटा बदलाव कर दीजिए
ध्यान रखें कि जब भी आप कूलर चलाएं तो कमरे की खिड़की या दरवाजें को थोड़ा सा खोल कर रखें. ऐसा करने से कमरे के अंदर की गर्म और नम हवा बाहर निकलती रहेगी और ताजी हवा आती रहेगी. यही एयर सर्कुलेशन की वजह से ही कूलर अच्छी कूलिंग करता है.
कूलर की सही जगह
कूलर की सही ठंडक पाने के लिए जरूरी है कि आप उसको सही जगह पर रखें, कूलर को दीवार से चिपका कर या फिर दीवार से चिपका कर बिल्कुल ना रखें. कूलर को हमेशा खिड़की के पास या गेट के पास रखें, जिससे उसमें बाहर की हवा उसे मिलती रहे.
इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान
- कूलर की घास को समय-समय पर साफ करते रहें.
- घास पुरानी हो जाने पर उसको बदल दें.
- टैंक का पानी हमेशा साफ रखें.
- अगर कूलर में भरा पानी बहुत गर्म हो गया है तो आप उसमें बर्फ डाल सकते हैं.
- पंखे के साथ कूलर चलाने से हवा पूरे कमरे में फैलती है.
- दोपहर के समय में कमरे के पर्दे बंद रखें ताकि धूप सीधे कमरे में न आए.
क्यों जरूरी है एयर सर्कुलेशन?
कूलर सही से तभी काम करता है, जब कमरे में लगातार एयर फ्लो सही बना रहे. बंद कमरे में कूलर चलाने से नमी बढ़ने लगती है. जिससे पसीना नहीं सूख पाता, चिपचिपापन होता है और गर्मी भी ज्यादा महसूस होता है.
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