How To Boost Child Memory: हर पेरेंट्स की ये ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे पढ़ लिखकर कुछ बन जाएं, लेकिन हर बच्चे का सीखने का तरीका, गति और समझने की क्षमता अलग होती है. ऐसे में अपने बच्चे को पढ़ाई में तेज बनाने के लिए किसी दबाव या सख्ती से नहीं, बल्कि समझदारी और सही तरीके से किया गया प्रयास जरूरी है. अगर आप थोड़ी-सी प्लानिंग, प्यार और सही तकनीक अपनाते हैं, तो बच्चा पढ़ाई में न सिर्फ तेज बनता है, बल्कि सीखने में रुचि भी विकसित करता है. चलिए जानते हैं पेरेंट्स को क्या करना चाहिए?

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बच्चें अपना दिमाग तेज कैसे करें?
स्क्रीन टाइम कम करना होगा: पढ़ाई, काम और मनोरंजन सबके लिए मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर का लगातार इस्तेमाल आम है, लेकिन क्या आप जानते हैं लगातार स्क्रीन देखने से न सिर्फ शरीर पर असर पड़ता है, बल्कि दिमाग पर भी जोर पड़ सकता है. जरूरत से ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सिर दर्द, धुंधला दिखना और नींद खराब होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है स्क्रीन टाइम को कम किया जाए. बच्चों के लिए रोजाना 1 से 1.5 घंटे से ज्यादा स्क्रीन ठीक नहीं माना जाता है.
पूरी नींद लेनी जरूरी है: जैसे खाना खाए बिना शरीर कमजोर महसूस करता है, बिल्कुल वैसे ही पूरी नींद न लेने से दिमाग जल्दी थक जाता है. इसलिए ये बेहद जरूरी है कि आप अपने बच्चे को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी दें. अगर नींद पूरी न हो, तो चिड़चिड़ापन, तनाव, आंखों में जलन, सिर दर्द और ध्यान कम लगने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में अगर आपके बच्चे अगर समय पर नहीं सोते, तो उनकी पढ़ाई, मूड और सेहत सभी प्रभावित हो सकती हैं.
रोजाना बाहर खेलने भेजें: मोबाइल और टीवी की वजह से बच्चे घर में ही रह जाते हैं, लेकिन आउटडोर प्ले उन्हें मजबूत और एक्टिव बनाता है. ऐसे में अगर आप उन्हें रोजाना बाहर खेलने भेजते हैं, तो इससे न सिर्फ उनका दिमाग तेज बनाता है, बल्कि दूसरे बच्चों के साथ खेलते समय वे टीमवर्क, दोस्ती, नियम मानना और धैर्य जैसी बातें भी सीख सकते हैं.
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