सुरों की क्वीन आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं. 92 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली और इसके साथ ही इंडियन म्यूजिक का एक बहुत बड़ा चैप्टर क्लोज हो गया. वह सिर्फ एक सिंगर नहीं बल्कि एक वाइब थीं. उनकी आवाज में वो जादू था जो 60 के दशक से लेकर आज के जेन जी तक सबको अपना फैन बना लेता था. ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में उनके निधन की खबर ने इंटरनेट पर एक इमोशनल लहर पैदा कर दी है.
आशा ताई की लाइफ से जुड़ी ऐसी बहुत सी बातें हैं जो आज की जनरेशन को काफी इंस्पायरिंग लग सकती हैं. खासतौर पर उनका और लता दीदी का वो साड़ी वाला किस्सा जो उनकी सादगी और ह्यूमन साइड को दिखाता है.
यहां हैं आशा ताई और लता दीदी से जुड़े कुछ अनसुने फैक्ट्स-
सफेद साड़ी का असली कारण क्या था?
अक्सर लोगों को लगता था कि लता दीदी और आशा ताई हमेशा सफेद साड़ी किसी स्पिरिचुअल वजह या सादगी के कारण पहनती हैं. लेकिन आरजे अनमोल और अमृता राव के पॉडकास्ट 'कपल ऑफ थिंग्स' में आशा ताई ने बड़े ही चिल अंदाज में बताया कि इसके पीछे की वजह काफी कुछ लोगों को असहज कर सकती है, लेकिन समाज की सच्चाई यही है.
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आशा ताई ने रिवील किया था कि उन्हें और लता दीदी ने तय किया था कि वे ग्रेसफुल लुक ही रखेंगी. साथ ही उन्हें गहरे रंग पहनने पर अपने कॉम्पलेक्शन को लेकर संशय था. आशा ताई ने बाताया था कि उन्हें डर था कि अगर वे डार्क कलर के कपड़े पहनेंगी वे सांवली न लगें. इसलिए वे हमेशा व्हाइट या लाइट शेड्स चुनती थीं ताकि वे ग्रेसफुल दिखें.

आशा ताई ने बेहद मजाकिया अंदाज में अपनी बात कही थी. लेकिन ये सच है कि आशा ताई और लता ताई दोनों की ही आवाज उनकी खूबसूरती और ग्रेस को असली जान दी थी. आज भी कहीं दूर अगर इनकी सुरीली आवाज में कोई गीत कानों में पड़ जाए तो दिल झूम उठता है, तो कभी कभी गमगीन हो जाता है. उनके भावों से आप खुद को अलग नहीं कर सकते.
जब आशा ताई ने तोड़ा सालों पुराना रूल
जहां लता दीदी ने लाइफ भर व्हाइट साड़ी को अपना सिग्नेचर स्टाइल बनाए रखा, वहीं आशा ताई ने धीरे-धीरे कलर्स के साथ एक्सपेरिमेंट करना शुरू किया. उन्होंने सबसे पहले पिंक कलर को अपनी पसंद बनाया.

Image: instagram@asha.bhosle
आशा ताई का रूल तोड़ना और लता दीदी का वो रिएक्शन
जब आशा ताई ने पहली बार गुलाबी साड़ी पहनी, तो लता दीदी उन्हें बड़े अजीब तरीके से देखती थीं. आशा ताई के मुताबिक दीदी की वो तिरछी नजरें जैसे पूछ रही हों कि यह क्या नया ट्रेंड शुरू कर दिया है.

लता दीदी और आशा ताई का अनदेखा बॉन्ड
भले ही लोग उनके बीच कॉम्पिटिशन की बातें करते थे, लेकिन सच तो यह है कि वे एक-दूसरे की सबसे बड़ी सपोर्ट सिस्टम थीं. आशा ताई ने हमेशा माना कि दीदी की जगह कोई नहीं ले सकता.
वर्सटाइल लेजेंड
आशा ताई ने सिर्फ क्लासिकल ही नहीं बल्कि पेप्पी नंबर्स, क्लब सॉन्ग्स और गजल में भी धमाका किया. उनका स्टाइल हमेशा से ही अपने समय से आगे था.

Image: instagram@asha.bhosle
आशा ताई का जाना सिर्फ एक आर्टिस्ट का जाना नहीं है, बल्कि एक एटीट्यूड और जिंदादिली का जाना है. उन्होंने सिखाया कि आप किसी भी उम्र में कूल और एक्टिव रह सकते हैं. उनकी आवाज हमारे प्ले लिस्ट में हमेशा टॉप पर रहेगी.
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