पिता और बेटी का रिश्ता बहुत खास होता है. एक बेटी के जीवन में पिता सिर्फ उसकी देखभाल करने वाले नहीं होते, बल्कि वह उसके पहले दोस्त, पहले हीरो और सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम भी होते हैं. बचपन में पिता का प्यार, समय और साथ बेटी के आत्मविश्वास और सोच पर गहरा असर डालता है. इसी कड़ी में फेमस पेरेंटिंग कोच रिद्धि देवराह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में पेरेंटिंग कोच ने 5 ऐसी आसान बातें बताई हैं, जिन्हें हर पिता अपनी बेटी के साथ अपनाकर अपने रिश्ते को और मजबूत बना सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
नंबर 1- हर दिन कुछ मिनट साथ वॉक करें
पेरेंटिंग कोच कहती हैं, अगर आप एक बेटी के पिता हैं, तो रोज सिर्फ 3 से 5 मिनट निकालकर उसके साथ वॉक करें. इस दौरान उससे उसके दिन के बारे में बात करें और उसकी बातें ध्यान से सुनें. जब बच्चे महसूस करते हैं कि उनकी बात सुनी जा रही है, तो उनका भरोसा अपने माता-पिता पर और मजबूत होता है.
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बेटी को अपने बचपन के किस्से जरूर सुनाएं. उसे बताएं कि आपने कौन-सी गलतियां कीं, किन मुश्किलों का सामना किया और उनसे क्या सीखा. इससे बेटी को यह समझने में मदद मिलेगी कि गलतियां जीवन का हिस्सा हैं और उनसे सीखकर आगे बढ़ा जा सकता है.
नंबर 3- हर मांग पूरी न करें, लेकिन जरूरतों से भी दूर न रखेंपेरेंटिंग कोच कहती हैं, अपनी बेटी की हर बात न मानें या हर इच्छा पूरी न करें, लेकिन हर चीज के लिए मना करना भी ठीक नहीं है. जिस तरह ज्यादा लाड़-प्यार बच्चों को बिगाड़ सकता है, उसी तरह जरूरत से ज्यादा रोक-टोक उन्हें आपसे दूर भी कर सकती है. इसलिए प्यार और अनुशासन के बीच संतुलन बनाकर रखें.
नंबर 4- पैसों और काम से जुड़ी बातें भी सिखाएंबेटी को पैसे, काम और बिजनेस से जुड़ी बातों में शामिल करें. इससे उसकी सोच व्यापक होगी और उसे समझ आएगा कि उसका भविष्य सिर्फ घर के कामों तक सीमित नहीं है. वह अपने करियर, फैसलों और आर्थिक जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से समझ पाएगी.
नंबर 5- रोज एक सवाल जरूर पूछेंइन सब से अलग पेरेंटिंग कोच कहती हैं, रोज अपनी बेटी से दिन में एक बार ये जरूर पूछें कि 'क्या पापा आज तुम्हारे लिए कुछ कर सकते हैं?' यह छोटा-सा सवाल उसे यह एहसास दिलाता है कि आप उसके साथ हैं. इससे उसके अंदर सुरक्षा की भावना और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं.
छोटे-छोटे पल बनाते हैं मजबूत रिश्तारिद्धि देवराह कहती हैं, बेटी को शायद आपका दिया हुआ हर खिलौना या हर तोहफा याद न रहे, लेकिन उसे हमेशा यह याद रहेगा कि उसके पिता ने उसे कैसा महसूस कराया. जब पिता बेटी को समय देते हैं, उसकी बातें सुनते हैं और उसे महत्व देते हैं, तो वह खुद को सुरक्षित और स्ट्रॉन्ग महसूस करती है. यही छोटी-छोटी आदतें आगे चलकर पिता-बेटी के रिश्ते को मजबूत बनाती हैं और बेटी को जीवन की हर चुनौती का सामना करने का हौसला देती हैं.
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