Life Lessons From Sonu Sood: जब भी जिंदगी की सच्चाइयों को सरल शब्दों में समझाने की बात आती है, तो सोन सूद (Sonu Sood) का नाम खुद-ब-खुद सामने आ जाता है. फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले सोनू सूद असल जिंदगी में लाखों लोगों के लिए हीरो बन चुके हैं. उनकी बातों में दिखावा नहीं, बल्कि अनुभव की गहराई होती है. हाल ही में एक रील में उन्होंने कुछ ऐसे लाइफ लेसन्स साझा किए, जो सुनने में साधारण लगते हैं, लेकिन जीवन की बड़ी सच्चाई को उजागर करते हैं.
सोनू सूद ने इंस्टा पर रील शेयर कर दिए लाइफ लेसन्स:
1. शराब और दूध की सीख - अच्छाई को मेहनत करनी पड़ती है
सोनू सूद कहते हैं, "शराब बेचने वाले को कहीं नहीं जाना पड़ता, लेकिन दूध बेचने वाले को घर-घर गली-गली जाना पड़ता है."
सका मतलब साफ है - बुराई खुद चलकर लोगों तक पहुंच जाती है, लेकिन अच्छाई को फैलाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. लोग दूध वाले से पूछते हैं, दूध में पानी तो नहीं मिलाया? लेकिन शराब में खुद पानी मिलाकर पीते हैं.
यह हमें सिखाता है कि समाज अक्सर अच्छी चीजों पर शक करता है और बुरी चीजों को आसानी से स्वीकार कर लेता है. इसलिए अगर आप सही रास्ते पर हैं, तो सवालों से घबराइए मत. अच्छाई को हमेशा परीक्षा से गुजरना पड़ता है.

2. नमक और मिठाई - कड़वी बात ही सच्ची होती है
उन्होंने कहा, "नमक की तरह कड़वा बोलने वाला आपका सच्चा दोस्त होता है. नमक में कीड़ा नहीं लगता, लेकिन मिठाई में अक्सर लग जाता है."
इसका संदेश बहुत गहरा है. जो व्यक्ति आपकी गलती पर आपको टोकता है, वह आपका दुश्मन नहीं, बल्कि असली शुभचिंतक होता है. जो हमेशा मीठी-मीठी बातें करे, वह जरूरी नहीं कि आपका भला ही चाहता हो. जिंदगी में ऐसे लोगों को पहचानना जरूरी है जो सच्चाई बोलने का साहस रखते हैं.
3. तस्वीर और कील - असली सहारा अक्सर अनदेखा रह जाता है
हम दीवार पर टंगी खूबसूरत तस्वीर की तारीफ करते हैं, लेकिन उसे थामे रखने वाली छोटी-सी कील को भूल जाते हैं.
यह सीख हमें उन लोगों की याद दिलाती है जो हमारी सफलता के पीछे खामोशी से खड़े रहते हैं, माता-पिता, गुरु, दोस्त या जीवनसाथी. हम मंच पर खड़े व्यक्ति को देखते हैं, लेकिन उसकी मेहनत में शामिल अनगिनत हाथों को नजरअंदाज कर देते हैं. कभी-कभी हमें रुककर उन कीलों का धन्यवाद करना चाहिए, जो हमें संभाले हुए हैं.
4. मोमबत्ती - याद और जश्न का फर्क
मोमबत्ती जलाकर हम किसी को याद करते हैं और बुझाकर जन्मदिन मनाते हैं.
यह जीवन का विरोधाभास है. एक ही चीज अलग परिस्थितियों में अलग मायने रखती है. इससे सीख मिलती है कि जिंदगी का हर पल अनमोल है, चाहे खुशी का हो या ग़म का. हर स्थिति हमें कुछ न कुछ सिखाकर जाती है.

5. पायल और बिंदी - कीमत नहीं, स्थान मायने रखता है
पायल हजारों रुपये की होती है, फिर भी पैरों में पहनी जाती है. बिंदी 5-10 रुपये की होती है, फिर भी माथे पर सजती है.
इससे बड़ा संदेश यह है कि इंसान की कीमत उसकी जगह और भूमिका से तय होती है, सिर्फ पैसे से नहीं. समाज में हर व्यक्ति का अपना महत्व है, चाहे वह अमीर हो या गरीब. सम्मान का आधार धन नहीं, बल्कि चरित्र और स्थान होना चाहिए.
सोनू सूद के ये लाइफ लेसन्स हमें सिखाते हैं कि जिंदगी को समझने के लिए बड़ी किताबों की जरूरत नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों में छिपी सच्चाई को पहचानने की जरूरत है.
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