AOR Examination 2026 Cancelled : देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने का सपना देख रहे वकीलों के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आई है. साल 2026 में होने वाली 'एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड' (AoR) की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी एक हालिया नोटिस के अनुसार, इस साल यह परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी.
क्यों लिया गया यह फैसला?
सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार (जे) और सचिव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि वर्तमान में 'एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड' की कुल संख्या और उनकी पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने इस साल परीक्षा न कराने का निर्णय लिया है. नोटिस के मुताबिक, अब यह परीक्षा अगले साल यानी 2027 में होने की संभावना है, जिसका शेड्यूल उचित समय पर अधिसूचित किया जाएगा. मिली जानकारी केअनुसार 13 अप्रैल 2026 तक कुल 3,791 AoR पंजीकृत हैं.
क्या होती है AoR परीक्षा और क्यों है यह जरूरी?
सुप्रीम कोर्ट में हर वकील केस फाइल नहीं कर सकता. शीर्ष अदालत के नियमों के अनुसार, केवल एक 'एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड' ही कोर्ट में याचिका दायर करने या पक्ष रखने के लिए अधिकृत होता है. इस पद को हासिल करने के लिए वकीलों को एक बेहद कठिन परीक्षा पास करनी होती है, जिसमें कानून की गहरी समझ और सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया का ज्ञान परखा जाता है.
इस परीक्षा के रद्द होने से उन सैकड़ों वकीलों को बड़ा झटका लगा है जो महीनों से तैयारी कर रहे थे. अब उन्हें अपनी योग्यता साबित करने और सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र रूप से केस फाइल करने के अधिकार के लिए अगले साल तक का इंतजार करना होगा. AoR परीक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि ये परीक्षा इस तरह स्थगित की गई है
किसको होगा नुकसान
चूंकि परीक्षा होने और फिर रिजल्ट आकर AoR बनने में करीब एक साल का वक्त लग जाता है, ऐसे में जो दो परीक्षा की तैयारी कर रहे थे उनके लिए इंतजार और बढ़ गया है. साथ ही जिनका एक पेपर बचा है वो भी आगे समय के लिए रुक गए हैं. यानी अगर 2027 में परीक्षा होती है तो फिर 2028 में ही प्रक्रिया पूरी हो पाएगी.
गौरतलब है कि 2025 में आयोजित परीक्षा में 1400 में से 207 वकील पास हुए हैं
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