Success Story: एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपराधियों में खौफ पैदा करने और समाज में कानून का राज स्थापित करने वाले पुलिस ट्रेनिंग स्कूल सुल्तानपुर एसपी ब्रजेश कुमार मिश्रा आज एक बेहद खुश और गौरवान्वित पिता हैं. उनकी मेधावी बेटी श्रेया मिश्रा ने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के जियोस्पेशियल एकेडमी में पीएचडी कोर्स में चयन पाकर परिवार और पूरे जिले का नाम रोशन किया है.
तीन चरणों की बेहद कठिन परीक्षा को किया पास
आईआईटी खड़गपुर के इस बेहद प्रतिष्ठित रिसर्च प्रोग्राम में दाखिला पाना कतई आसान नहीं था. श्रेया ने इसके लिए आयोजित की गई एक अत्यंत कठिन और प्रतिस्पर्धी तीन चरणों वाली चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार किया. उनकी इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता ब्रजेश कुमार मिश्रा ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा, "प्रिय मित्रों, आज मेरे परिवार और दोस्तों के लिए अत्यधिक गर्व और खुशी का दिन है. यह उपलब्धि श्रेया की निरंतर कड़ी मेहनत, ज्ञान के प्रति उसके समर्पण और असाधारण शैक्षणिक प्रतिभा का प्रमाण है."
साथियों, आज मेरे परिवार और मित्रों के लिए अत्यन्त गर्व एवं हर्ष का दिन है | मेरी पुत्री श्रेया मिश्रा का चयन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर के जियोस्पेशियल अकादमी में पीएच.डी. कोर्स हेतु हो गया है | वह वहाँ "रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस" जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर… pic.twitter.com/jR2WQDkEnu
— Brajesh Mishra, IPS (@BrajeshIPS1971) July 18, 2026
'रिमोट सेंसिंग और जीआईएस' जैसे संवेदनशील विषय पर करेंगी रिसर्च
श्रेया मिश्रा आईआईटी खड़गपुर में बेहद महत्वपूर्ण और आधुनिक विषयों रिमोट सेंसिंग और जीआईएस पर अपना एडवांस रिसर्च शुरू करेंगी. इस शोध कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत श्रेया को विदेशों में जाकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च करने के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे, जो उनके करियर को एक नई वैश्विक उड़ान देंगे.
यूजीसी-नेट/जेआरएफ परीक्षा में हासिल किया था 99.65 परसेंटाइल
श्रेया की यह सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि उनकी पुरानी शैक्षणिक उपलब्धियों का अगला पड़ाव है. इससे पहले वर्ष 2025 में, उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UGC-NET/JRF परीक्षा को 99.65 परसेंटाइल के साथ पास कर अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाया था. तभी से यह तय माना जा रहा था कि वह अनुसंधान के क्षेत्र में कोई बड़ा मुकाम हासिल करेंगी.
संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करने का है लक्ष्य
आईआईटी खड़गपुर से मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर के जरिए श्रेया अपने जीवन के सबसे बड़े लक्ष्य को पूरा करना चाहती हैं. उनका सपना संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम जैसे वैश्विक संगठनों के साथ जुड़कर पर्यावरण और सतत विकास के लिए काम करना है.
बता दें कि ब्रजेश कुमार मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के रहने वाले हैं. 1997 बैच के राज्य पुलिस अधिकारी हैं. इन्हें साल 2019 में कुंभ मेला मेडल से भी नवाजा जा चुका है. IPS-SPS 2014 ब्रजेश कुमार मिश्रा की बेटी की यह सफलता आज देश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है.
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