कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान और इरादों में मजबूती हो, तो कोई भी मुकाम हासिल करना नामुमकिन नहीं है. इस बात को सच कर दिखाया है नालंदा जिले की होनहार बेटी आकांक्षा भारती ने. आकांक्षा ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए 157वीं रैंक प्राप्त की है. इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ ही उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी के पद के लिए हुआ है. आकांक्षा की इस कामयाबी से न सिर्फ उनके परिवार का सिर फख्र से ऊंचा हुआ है, बल्कि पूरे नालंदा जिले और उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है.
शिक्षक पिता का सपना किया साकार
आकांक्षा भारती मूल रूप से नालंदा जिले के चंडी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले हनुमानगढ़ गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता आनंदी प्रसाद चौधरी पेशे से एक शिक्षक हैं. एक शिक्षक होने के नाते उन्होंने शिक्षा के महत्व को बखूबी समझा और अपनी बेटी की पढ़ाई-लिखाई में कोई कसर नहीं छोड़ी. आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच भी पिता ने हमेशा आकांक्षा का हौसला बढ़ाया. आज उसी त्याग और सही मार्गदर्शन का परिणाम है कि उनकी बेटी प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने जा रही है.
पटना से हुई प्रारंभिक और उच्च शिक्षा
अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में बात करते हुए आकांक्षा ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा पटना के केशव विद्या मंदिर से हुई है. इसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए पटना विमेंस कॉलेज का रुख किया, जहाँ से उन्होंने स्नातक (Graduation) की डिग्री पूरी की. कॉलेज के दिनों से ही उनका रुझान प्रशासनिक सेवाओं की तरफ था. स्नातक पूरा करने के बाद उन्होंने पूरी लगन के साथ बीपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.
गांव में उत्सव का माहौल, गरीबों की सेवा का संकल्प
आकांक्षा की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद हनुमानगढ़ गांव में उत्सव जैसा माहौल है. ग्रामीण और सगे-संबंधी उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं. गांव के लोगों का कहना है कि आकांक्षा ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. ग्रामीणों ने बेहद गर्व के साथ कहा, "हमारे गांव की बेटी अब एक बड़े प्रशासनिक पद पर बैठने जा रही है. हमें पूरा विश्वास है कि वह सिस्टम में रहकर उन गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की बढ़-चढ़कर मदद करेंगी, जिन्हें न्याय और सहायता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है."
यह भी पढ़ें- Success Story: पिता की मौत के बाद एक्सीडेंट में गंवाए पैर, फिर BPSC पास कर अफसर बनीं आंगनबाड़ी सेविका की बेटी
यह भी पढ़ें- Success Story: भाई-बहन एक साथ बने अफसर, नगर परिषद सभापति का बेटा SDM तो बेटी बनीं SC-ST वेलफेयर ऑफिसर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं