राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 454 फार्मेसी अफसर पदों के लिए रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का बड़ा मामला सामने आया है. बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित इस भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले संगठित गिरोह के सक्रिय होने की सूचना के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू कर दी.आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
पुलिस को पहले से मिला था इनपुटसूत्रों के अनुसार, पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि कुछ अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से परीक्षा में अनुचित लाभ लेने की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई गई. कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ मौके से फरार होने में सफल रहे.
पुलिस को फरीदकोट में 11, कोटकपूरा में 6 और फिरोजपुर में 25 संदिग्ध अभ्यर्थियों के ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल की सूचना मिली थी. इसी आधार पर कई केंद्रों पर एक साथ कार्रवाई की गई. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकल का यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और अभ्यर्थियों से इसके लिए कितनी रकम वसूली गई.
पुलिस अब फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है. बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार ने 454 फार्मेसी अफसर पदों की भर्ती के लिए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी को नोडल एजेंसी बनाया था. परीक्षा में करीब 7,000 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया और इसके लिए फरीदकोट, कोटकपूरा तथा फिरोजपुर में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे.
फिलहाल, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों की संख्या और उनके खिलाफ दर्ज किए जाने वाले मामलों को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. पूरे मामले को लेकर पुलिस जल्द विस्तृत खुलासा कर सकती है.
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