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भारत में इन डिग्रियां के पास है सबसे कम नौकरी? रिपोर्ट के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

Employment Trends in India : इंडिया स्किल रिपोर्ट 2025 के अनुसार भारत में BA, B.Com और B.Sc डिग्री धारकों में बेरोजगारी दर सबसे अधिक है. जानिए किन कारणों से कम मिल रही है नौकरी.

भारत में इन डिग्रियां के पास है सबसे कम नौकरी? रिपोर्ट के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि MCA जैसे कोर्सेज ने जबरदस्त सुधार किया है.

Lowest Employability Degrees India : भारत में हर साल लाखों छात्र अपनी आंखों में बड़े सपने लेकर कॉलेज से डिग्री लेकर निकलते हैं. लेकिन क्या हर डिग्री आपको नौकरी की गारंटी देती है? हाल ही में आई 'इंडिया स्किल रिपोर्ट 2025' के आंकड़े कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं, जो छात्रों और अभिभावकों दोनों को चौंका सकते हैं.

B.Arts और B.Com वालों को एंप्लॉयमेंट रेट है सबसे कम

स्किल इंडिया 2025 रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में B.Arts की एंप्लॉयबिलिटी 54% और B.Com की 55% रहने का अनुमान है.  यानी BA (Arts) और कॉमर्स (B.Com) स्ट्रीम में बेरोजगारी दर लगभग 46 प्रतिशत है.

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इन कोर्सेज ने भी बढ़ाई चिंता

आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे कम रोजगार क्षमता पॉलिटेक्निक (Polytechnic) और ITI जैसे कोर्सेज में देखी जा रही है.

2025 के आंकड़ों के अनुसार, पॉलिटेक्निक (Polytechnic) से मिलने वाली रोजगार 29% है. यानी इस फील्ड के 100 में से सिर्फ 29 छात्र ही नौकरी के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

वहीं, स्किल इंडिया के दौर में ITI का स्कोर सिर्फ 41% पर अटका है, जोकि चिंताजनक है. 

इंजीनियरिंग और MBA का बोलबाला, पर बाकी कहां?

रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 में सबसे ज्यादा एंप्लॉयबल टैलेंट (काम के योग्य युवा) B.E/B.Tech (71.50%) और MBA (78%) के पास है. यह दिखाता है कि तकनीकी और प्रबंधन की पढ़ाई करने वालों की मांग बाजार में सबसे ज्यादा है.

क्या करें

रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि MCA जैसे कोर्सेज ने जबरदस्त सुधार किया है. 2021 में जो आंकड़ा 22% था, वह 2025 में 71% तक पहुंचने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की स्किल आपको बेहतर करियर दे सकती है.

क्या है इसकी बड़ी वजह?

सवाल यह है कि आखिर कमी कहां रह गई? विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्री की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं, जबकि हमारे कॉलेज का सिलेबस अभी भी पुराना है. कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल एजुकेशन और प्रैक्टिकल नॉलेज की कमी के कारण डिग्री होने के बावजूद युवा कंपनियों की कसौटी पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं.

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पूरी रिपोर्ट पढ़िए यहां

ISR Report 2025 by subhashinitripathi93

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