IAS Apoorva pandey: उत्तराखंड की सबसे युवा जिला कलेक्टर (DM) आईएएस अपूर्वा पाण्डे का परिवार सरकारी नौकरियों की खान है. इनके परिवार में केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि चाचा-ताऊ, बुआ और मौसी को मिलाकर कुल 15 सदस्य सरकारी सेवा में आ चुके हैं. पूरे परिवार में पद के मामले में सबसे आगे खुद आईएएस अपूर्वा पाण्डे ही हैं, जो न केवल अपने होम कैडर उत्तराखंड में भारतीय प्रशासनिक सेवा की एक चर्चित महिला अधिकारी हैं, बल्कि वर्तमान में बागेश्वर की जिलाधिकारी भी हैं. वह अपने पूरे परिवार से इकलौती आईएएस अधिकारी हैं.
बिना महंगी कोचिंग के पाई सफलता
अपूर्वा पाण्डे की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, जिन्हें लगता है कि बिना महंगी कोचिंग के संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा जैसी कठिन परीक्षा पास नहीं की जा सकती. अपूर्वा ने सेल्फ स्टडी (खुद से पढ़ाई) और कड़ी मेहनत के दम पर अपने दूसरे ही प्रयास में 'यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017' में ऑल इंडिया 39वीं रैंक हासिल कर यह मुकाम पाया.

परिवार के 15 सदस्य सरकारी सेवा में
साल 2018 की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएएस अपूर्वा पाण्डे के परिवार में आठ सदस्य शिक्षक हैं और डॉक्टरों की भी अच्छी-खासी संख्या है. खुद अपूर्वा, उनकी बुआ और मौसी को मिलाकर सरकारी नौकरी करने वालों का आंकड़ा 15 तक पहुंच जाता है.
कौन किस पद पर है?
पिता: केसी पाण्डे-प्रवक्ता (इंजीनियरिंग), राजकीय पॉलीटेक्निक, कोटाबाग.
माता: मीना पाण्डे-रसायन विज्ञान प्रवक्ता, जीजीआईसी (GGIC) नैनीताल.
भाई: मनीष पाण्डे-सेवारत, भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI).

परिवार के अन्य सदस्य
ताऊ (पिता के बड़े भाई): डॉ. प्रकाश चंद्र पाण्डे-पूर्व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ऊधमसिंह नगर.
ताई: आशा पाण्डे-सेवानिवृत्त भूगोल प्रवक्ता, जीजीआईसी (GGIC) काशीपुर.
चाचा (दूसरे भाई): केसी पाण्डे-सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज, रुद्रपुर.
चाची: किरण पाण्डे-संस्कृत प्रवक्ता, जीजीआईसी (GGIC) गदरपुर.
छोटे चाचा: डॉ. विमल पाण्डे-भौतिक विज्ञान प्रोफेसर, डीएसबी कैंपस, नैनीताल.
चाची: डॉ. सीमा पाण्डे-भौतिक विज्ञान प्रोफेसर, डीएसबी कैंपस, नैनीताल.
छोटे चाचा: चारु चंद्र पाण्डे-प्रवक्ता, जीआईसी (GIC) डीनापानी.
बुआ, फूफा और मौसी
बड़ी बुआ: अनीता पंत-सहायक अध्यापक, जीजीआईसी (GGIC) राजपुरा.
छोटी बुआ: कंचनलता पंत-शिक्षिका, मानस मंदिर स्कूल, पिथौरागढ़.
फूफा: डॉ. अशोक पंत-प्रधानाचार्य, देव सिंह इंटर कॉलेज, पिथौरागढ़.
मौसी: रमा पाठक-शिक्षिका, जीआईसी (GIC) पवलगढ़, रामनगर.

अपूर्वा पाण्डे की शैक्षणिक और प्रशासनिक यात्रा
होम कैडर उत्तराखंड की युवा कलेक्टर आईएएस अपूर्वा पाण्डे मूल रूप से अल्मोड़ा शहर की रहने वाली हैं. उनका जन्म 29 अप्रैल 1994 को हुआ था. इनकी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मैरीज़ स्कूल से हुई. इंटरमीडिएट: बीरशिबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी से की. गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री हासिल की.
साल 2016 में बी.टेक. पूरा करने के बाद अपूर्वा ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. पहले प्रयास में सफलता न मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में 39वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनीं. मई 2026 में बागेश्वर की जिला कलेक्टर बनने से पहले उन्होंने अपर सचिव (पेयजल एवं गृह विभाग), निदेशक (स्वजल), मुख्य विकास अधिकारी (पौड़ी गढ़वाल) के अलावा रानीखेत, रुड़की और देहरादून में भी विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं.
IPS अंशिका वर्मा का ससुराल भी है 'अफसरों का गढ़'
आईएएस अपूर्वा पाण्डे के परिवार की ही तरह यूपी कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अंशिका वर्मा के ससुराल की कहानी भी काफी चर्चित है. राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में स्थित उनका ससुराल 'अफसरों की खान' माना जाता है. अंशिका वर्मा के पति आईपीएस के.के. बिश्नोई, उनके जेठ और चारों ननदें भी सरकारी सेवाओं में उच्च पदों पर कार्यरत हैं.
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