- प्रवर्तन निदेशालय ने 2025-26 में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में छापेमारी की संख्या लगभग दोगुनी कर दी है
- 2025-26 में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों की गिरफ्तारियों में 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है
- एक साल में ED ने 81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर रिकॉर्ड स्तर बनाया है
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक साल में छापेमारी ज्यादा की है, लेकिन इस दौरान गिरफ्तारियां कम हुई हैं. ED की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. 2025-26 में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में हुई गिरफ्तारियों में लगभग 27% की कमी आई है. लेकिन इसी दौरान 81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत 2025-26 में 2,892 छापेमारी की गई. जबकि, 2024-25 में 1,491 छापेमारी की गई थी. यानी, 2024-25 की तुलना में 2025-26 में छापेमारी लगभग डबल हो गई.
PMLA के तहत, ED के पास अपराध से की गई कमाई में गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती या कुर्की करने का अधिकार है. इस कानून के तहत जमानत मिलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है. जमानत तभी मिल पाती है, जब अदालत को लगता है कि आरोपी निर्दोष है और अगर उसे जमानत पर छोड़ा जाता है तो वह कोई अपराध नहीं करेगा.
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क्या कहती है ED की रिपोर्ट?
- कितने केस हुए: मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ECIR दर्ज किया जाता है. 2024-25 में ED ने 775 ECIR दर्ज किए थे. 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1,080 हो गई.
- कितने गिरफ्तार हुए: 2025-26 में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ED ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया. 2024-25 में 214 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
- कितनी छापेमारी हुई: ED ने 2025-26 में कुल 2,892 छापेमारी की. इससे पहले 2024-25 में ED ने 1,491 जगहों पर छापेमारी की थी.
- सजा कितनों को: 2025-26 में मनी लॉन्ड्रिंग के 9 मामलों में सजा सुनाई गई, जिनमें 19 दोषियों को सजा हुई. 2024-25 में 9 मामलों में 38 लोगों को सजा हुई थी.
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गिरफ्तारियों में क्यों आई कमी?
ED की रिपोर्ट के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में होने वाली गिरफ्तारियों में 27 फीसदी की कमी आई है. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, गिरफ्तारियों में आई इस गिरावट के पीछे ED का कहना है कि जांच एजेंसी अब पहले से ज्यादा टारगेटेड और सबूतों के आधार पर जांच कर रही है.
गिरफ्तारियों में भले ही कमी आई हो लेकिन अपराधियों की संपत्ति की कुर्की में बहुत बड़ा उछाल आया है. 2025-26 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों की 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया. जबकि, इससे पहले 2024-25 में ED ने 30,036 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी.
सबसे अहम आंकड़े संपत्ति की बहाली में देखने को मिले. इसके तहत ED जब्त की गई संपत्तियों को धोखाधड़ी के पीड़ितों, जैसे- निवेशकों, घर खरीदारों या बैंकों को वापस सौंप देती है. 2025-26 के दौरान ED ने 32,678 करोड़ रुपये की संपत्ति पीड़ितों को लौटाई, जबकि 2024-25 में 15,263 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस की गई थी.
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