बरसात में बाथरूम या कमरे के कोनों में कनखजुरे दिखना आम बात है, लेकिन सोचिए अगर यही कीड़ा सोते समय कान में घुस जाए तो? ऐसी स्थिति में घबराकर की गई एक छोटी गलती कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकती है.घबराहट में की गई एक छोटी सी गलती कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकती है. एक्सपर्ट से जानिए ऐसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए.
ऐसे ही किसी एमरजेंसी हालात से निपटने के लिए हमने बात की आयुर्वेदाचार्य एवं योग गुरु प्रो. डॉ. राम अवतार से. उन्हें योग, आयुर्वेद, नाड़ी विज्ञान और न्यूरोथेरेपी के क्षेत्र में 38 सालों से भी ज्यादा का अनुभव है. उन्होंने बताया कि कान में अगर कनखजुरा या मकड़ी घुस जाए, तो हड़बड़ी में ली गई गलत कदम मुसीबत को और बढ़ा सकती है.
चलिए डॉ. राम अवतार से ही सीधे समझते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए-
कान में कनखजुरा घुस जाए तो तुरंत क्या करें? | Kan Me Kankhajura Kaise Nikale
डॉ. राम अवतार बताते हैं कि जैसे ही महसूस हो कि कान में कुछ चला गया है, सबसे पहले पैनिक होना बंद करें. छटपटाहट में कीड़ा और अंदर जा सकता है. इसके बाद ये आसान उपाय अपनाएं:
सेंधा नमक और पानी का घोल: डॉ. राम अवतार के मुताबिक, हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें. अब इस नमकीन पानी की कुछ बूंदें कान में डालें. नमक के पानी से कनखजुरे को सांस लेने में दिक्कत होती है और वो या तो मर जाता है या फिर छटपटाकर तुरंत कान से बाहर निकल आता है.
सरसों या तिल का तेल: अगर नमक का पानी तुरंत न बना पाएं, तो घर में मौजूद शुद्ध सरसों या तिल का तेल हल्का सा (बिल्कुल नाममात्र गुनगुना) कान में डाल दें. डॉ. राम अवतार कहते हैं कि तेल डालने से कान के अंदर ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है. दम घुटने से कीड़ा ढीला पड़ जाता है और बहकर बाहर आ जाता है.
कीट विशेषज्ञों के अनुसार, कनखजुरे नम और अंधेरी जगहों को पसंद करते हैं. बारिश के मौसम में बढ़ी हुई सीलन और नमी उन्हें घरों के बाथरूम, किचन और फर्श के कोनों तक खींच सकती है.
|
|
|
Also Read: बारिश में टॉयलेट से निकल रहा है कनखजूरा? गलती से कान में घुस जाए तो भूलकर भी न करें ये गलती
कान में कनखजूरा घुस जाए तो क्या करें.
भूलकर भी न करें ये गलतियां
अक्सर लोग घबराहट में कोई तीखी चीज़ कान में डाल देते हैं, जो बेहद खतरनाक है. डॉ. राम अवतार सख्त हिदायत देते हैं कि:
1. माचिस की तीली या सेफ्टी पिन न डालें: कान में माचिस, बड्स या पिन डालने की गलती कभी न करें. इससे कनखजुरा डरकर कान के पर्दे (Eardrum) की तरफ और गहराई में भाग सकता है या फिर कान का पर्दा फट भी सकता है.
2. उंगली से निकालने की कोशिश न करें: उंगली डालने से कीड़ा और अंदर दब जाएगा और अगर उसने अंदर काट लिया तो तेज जलन और दर्द शुरू हो जाएगा.
3. तेज टॉर्च की रोशनी सीधे न मारें: कुछ कीड़े रोशनी देखकर और अंदर भागते हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे कान के बिल्कुल मुंह पर टॉर्च न सटाएं.
मेडिकल लिट्रेचर के अनुसार कि कान में जीवित कीड़े घुसने के मामले दुर्लभ जरूर हैं, लेकिन इनके कारण तेज दर्द, संक्रमण और सुनने में दिक्कत जैसी परेशानियां हो सकती हैं.
डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?
डॉ. राम अवतार का कहना है कि अगर घरेलू उपाय के बाद भी कीड़ा बाहर न निकले, या फिर कीड़े ने कान के अंदर काट लिया हो और बहुत तेज दर्द, सूजन या खून/पानी आने लगे, तो एक मिनट भी देर न करें. तुरंत किसी पास के ENT (कान-नाक-गला) विशेषज्ञ के पास जाएं.
ENT विशेषज्ञों के अनुसार, माचिस, पिन या दूसरी नुकीली चीजों से कीड़े को निकालने की कोशिश कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकती है.
बारिश में इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. राम अवतार सलाह देते हैं कि मानसून के दौरान जमीन पर सीधे सोने से बचें. सोते समय कानों में हल्की रुई लगा लें या सिर पर सूती गमछा/दुपट्टा बांधकर सोएं. घर के सीलन वाले कोनों में नीम का तेल या कपूर छिड़क कर रखें ताकि ये ज़हरीले कीड़े आपके बिस्तर तक पहुंच ही न सकें.
सवाल : कान में कनखजूरा घुस जाए तो क्या करें?
डॉ. राम अवतार का जवाब : अगर कान में कनखजूरा घुस जाए तो घबराएं नहीं. हल्के गुनगुने नमक वाले पानी या कुछ बूंद सरसों/तिल का तेल कान में डाल सकते हैं. इससे कीड़ा बाहर निकल सकता है. माचिस, पिन या उंगली डालने की कोशिश न करें. अगर दर्द, सूजन, खून या कीड़ा बाहर न निकले तो तुरंत ENT विशेषज्ञ से संपर्क करें.
(आयुर्वेदाचार्य एवं योग गुरु प्रो. डॉ. राम अवतार को योग, आयुर्वेद, नाड़ी विज्ञान और न्यूरोथेरेपी के क्षेत्र में 38 सालों से भी ज्यादा का अनुभव है.)