रोज के 10,000 कदम क्या हार्ट अटैक का खतरा कम कर सकते हैं? स्टडीज ने किया खुलासा!

Roj 10000 Kadam Chalne Ke Fayde: खराब खान-पान, प्रदूषण, बदलते मौसम और तनाव के चलते सेहत पर गहरा असर पड़ता है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का कहना है कि छोटी-छोटी आदतों से सेहत में सुधार लाया जा सकता है. इसी में से एक सबसे सरल और असरदार आदत है पैदल चलना यानी वॉकिंग.

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Benefits of walking 30 minutes a day

Roj 10000 Kadam Chalne Ke Fayde: खराब खान-पान, प्रदूषण, बदलते मौसम और तनाव के चलते सेहत पर गहरा असर पड़ता है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का कहना है कि छोटी-छोटी आदतों से सेहत में सुधार लाया जा सकता है. इसी में से एक सबसे सरल और असरदार आदत है पैदल चलना यानी वॉकिंग.

पैदल चलना न सिर्फ हमारी मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि दिल की सेहत को सुधारने और उम्र लंबी करने में भी मदद करता है.

आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद कहता है कि चलना शरीर की ऊर्जा और जीवन शक्ति को संतुलित करता है, पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और मानसिक तनाव को कम करता है. विज्ञान भी मानता है कि रोजाना पैदल चलने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

पैदल चलने के फायदे?

लना किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए सबसे आसान एक्सरसाइज है, जब हम पैदल चलते हैं, तो हमारे दिल की धड़कन तेज होती है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं. नियमित वॉकिंग से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और वजन संतुलित रहता है. मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है. चलते समय शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो तनाव कम करता है और मूड को खुशहाल बनाता है.

धीमी या तेज चलना बेहतर है?

आयुर्वेद के अनुसार, तेज चलना प्राणवायु को शरीर में सक्रिय करता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. हार्ट अटैक से बचाव के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना कम से कम तीस मिनट तक तेज चलना चाहिए.

स्टडीज क्या कहती हैं?

अमेरिकी हार्ट फाउंडेशन और नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन की स्टडीज के अनुसार, 30 मिनट की तेज वॉक यानी लगभग 9,000 से 10,000 कदम रोजाना हफ्ते में पांच दिन दिल की सेहत के लिए आदर्श है, इससे रक्त संचार सही रहता है, दिल की धड़कन मजबूत होती है और ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहते हैं. अगर कोई इतनी लंबी वॉक नहीं कर पाता तो 3,800 से 4,000 कदम भी शुरुआती तौर पर लाभकारी हैं. जरूरी यह है कि हर दिन नियमित रूप से चला जाए.

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उम्र के हिसाब से पैदल चलने के सुझाव

विशेषज्ञ बताते हैं कि बुजुर्गों के लिए यह आदत और भी फायदेमंद है. स्टडी में यह पाया गया कि 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोग यदि रोजाना 6,000 से 9,000 कदम चलते हैं, तो उनका हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा उन लोगों के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत कम हो जाता है जो रोज केवल 2,000 कदम चलते हैं.

लगभग 2.5 मील से 4 मील तक चलने से दिल मजबूत रहता है और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का खतरा कम होता है. आयुर्वेद भी मानता है कि नियमित और संतुलित चलना शरीर की गर्मी और ऊर्जा को बनाए रखता है, जिससे उम्र लंबी और स्वस्थ रहती है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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