शादियों का सीजन चल रहा है और खाने की बात न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है. हर शादी में आपको कुछ न कुछ खास जरूर मिलेगा. बीते दिनों सचिन तेंदुलकर के बेटे और क्रिकेटर अर्जुन की शादी हुई. इसी हफ्ते टीवी प्रेजेंटर और क्रिकेट कमेंटेटर गौरव कपूर दुल्हा बने. अब इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की शादी सोशल मीडिया पर एक अलग ही हलचल मचा रही है. इस शादी में न तो कोई इटालियन काउंटर और न ही मैक्सिकन डिशेज चर्चा में है. अगर है तो वो पहाड़ी खाना. कुलदीप ने अपनी शादी को पूरी तरह से पहाड़ी रंग में रंगने का फैसला किया.
क्या खास है कुलदीप की शादी के मेनू में- (What Is The Special Kuldeep Yadav Wedding Menu)
मडुवे की रोटी और लाल चावल-
आज के दौर में जहां लोग मैदा और सफेद चावल के पीछे भाग रहे हैं, वहीं कुलदीप ने मेहमानों को सेहत और स्वाद का कॉम्बो सर्व करने का फैसला किया. मडुवे की रोटी के साथ पहाड़ी लाल चावल.
कैसे बनाएं मडूवे की रोटी- (How To Make Mandua Ki Roti)
एक बड़े बर्तन में मडुवे का आटा लें. मडुवा जिसे रागी के नाम से भी जाना जाता है. इसमें नमक और पानी मिलाकर आटा गूंथ लें. आटे को कुछ मिनट तक गूंथने के बाद, इसे कुछ मिनट के लिए रख दें. आटे को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें. एक हिस्से को लेकर उसे गोल आकार में बेल लें. एक नॉन-स्टिक तवे पर घी या तेल लगाकर गरम करें. रोटी को तवे पर डालें और दोनों तरफ से सेक लें.
गहत की दाल खाने के फायदे- (Gahat Ki Dal Khane Ke Fayde)
पहाड़ी खाने की बात हो और दालों का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. गहत दाल खाने से वेट लॉस में मदद मिल सकती है. इस दाल में कैलोरी की मात्रा कम और प्रोटीन की अधिकता होती है. इसके अलावा गहत की दाल में फाइबर भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है, जो भूख कम करके वजन कम करने में मदद कर सकता है.
गहत की दाल- जिसे पहाड़ों में औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. लोहे की कड़ाही में बनी इस दाल का काला रंग और गाढ़ापन देख हर कोई खिंचा चला आता है.
फाणु-
काले चने और दालों को भिगोकर और पीसकर बनाया गया यह व्यंजन प्रोटीन से भरपूर था होता है इसे चावल के साथ खाया जाता है.
पहाड़ों में क्यों फेमस है काला चना फाणु- (Why is black gram Phanu famous in the mountains)
उत्तराखंड का काला चना फाणु अपने पारंपरिक स्वाद, पौष्टिकता और पहाड़ों की संस्कृति का प्रतीक होने के कारण फेमस है. यह (कुलथी) या काले चने से बनती है, जो सर्दियों में शरीर को गर्मी देने और पाचन के लिए अच्छी है. इसे चावल या रोटी के साथ खाया जाता है.
कैसे बनाएं काला चना फाणु- (How To Make Kala Chana Fhanu)
- एक ग्राइंडर जार में 1 कप भीगे हुए भूरे चने डालें
- थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें.
- एक ओखली में 1 छोटा चम्मच जीरा डालें.
- 1 बड़ा चम्मच धनिया डालें.
- 3 सूखी लाल मिर्च डालें.
- 8-10 लहसुन की कलियां डालें. एक 1 अदरक डालें.
- ½ कप ताजा हरा धनिया डालकर पेस्ट बना लें.
- एक ओखली में ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर डालें.
- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें.
- 1 छोटा चम्मच हरा धनिया पाउडर डालें.
- ½ छोटा चम्मच गरम मसाला डालें.
- थोड़ा पानी डालकर मसाला पेस्ट तैयार है.
- एक पैन में सरसों का तेल डालें.
- 1 छोटा चम्मच सरसों डालें. 1 छोटा चम्मच जीरा डालें.
- 1 कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा भूरा होने तक पकाएं.
- 1 कटा हुआ टमाटर नमक डालकर टमाटर के नरम और गलने तक पकाएं.
- 2 हरी मिर्च चीरकर डालें. पिसा हुआ मसाला पेस्ट डालें.
- पिसे हुए काले चने का पेस्ट डालकर 5 मिनट तक पकाएं.
- 1 कप पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अच्छी तरह मिलाने के बाद 2 कप पानी डालकर 10 मिनट तक गाढ़ा होने तक पकाएं.
- मुट्ठी भर ताज़ा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं और आनंद लें!
चैंसू-
चैंसू (Chainsoo) उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र की एक पारंपरिक, पौष्टिक और स्वादिष्ट दाल है, जो मुख्य रूप से काली उड़द दाल को भूनकर और दरदरा पीसकर बनाई जाती है.
कैसे बनाएं चैंसू- (How To Make Chainsoo)
इस दाल को बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर कढ़ाई चढ़ाएं और उसे हल्का गर्म होने दें. गर्म हो जाने के बाद साबुत उड़द दाल को डालकर हल्का रोस्ट कर लें. मीडियम फ्लेम पर ही इसे रोस्ट करें. रोस्ट हो जाने के बाद मिक्सर में उड़द की दाल को डालकर दरदरा पीस लें. जब यह पिस जाए तो एक बर्तन में निकाल कर रख लें. अब कढ़ाई में तेल डालें और हल्का गर्म होने दें. गर्म हो जाने के बाद जीरा, साबुत लाल मिर्च, हरी मिर्च, हींग और लहसुन अदरक का पेस्ट डाल दें. अब थोड़ी देर तक इसे भूनने के बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डाल दें. प्याज जब हल्का ब्राउन हो जाए तो उसमें पिसी हुई उड़द दाल को डाल दीजिए और मीडियम फ्लेम पर इसे थोड़ी देर तक भूनते रहिए. पानी डालकर पतला करें. कुछ मिनट बाद सभी मसाले डाल दें और अच्छे से चलाएं. इसमें नमक स्वादानुसार डालकर चौसा को पकने दें. उबाल आने के बाद चेक करें की दाल पक गई है. इसके बीद इसमें धनिया पत्ती डालकर गार्निश करें.
कंडाली का साग और कुमाऊंनी रायता-
मेन कोर्स की बात करें तो कंडाली (बिच्छू घास) के साग की. तो यह शहरों में रहने वाले लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं. कुमाऊंनी रायता. पीले रंग का यह रायता, जिसमें राई का तीखापन और पहाड़ी ककड़ी का क्रंच होता है.
कंडाली को बिच्छू घास या नेटल (Nettle) भी कहा जाता है. यह एक कांटेदार पौधा होता है, जिसे छूने पर तेज जलन होती है. लेकिन इसका स्वाद और फायदे इससे उलट हैं.
कंडाली का साग और कुमाऊंनी रायता खाने के फायदे-
कंडाली का साग में भरपूर मात्रा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन A व C पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूती देते हैं और खून की कमी को दूर करने में भी मदद कर सकते हैं. वहीं कुमाऊंनी रायता, गाढ़े दही, पहाड़ी खीरे, सरसों और हरी मिर्च के मिश्रण से बनता है. जिसे पाचन और शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए जाना जाता है.
भांग की चटनी-
पहाड़ी थाली की जान होती है भांग की चटनी. नाम सुनकर हैरान मत होइए, यह नशा नहीं बल्कि स्वाद का नशा देती है. सिलबट्टे पर पिसी हुई भांग की चटनी में नींबू और हरी मिर्च का जो बैलेंस होता है वो अलग ही स्वाद देता है.
कैसे बनाएं भांग की चटनी- (How To Make Bhang Ki Chutney)
सामग्री-
- सूखी लाल मिर्च- 2 नग,
- जीरा- 2 छोटे चम्मच
- भांग के बीज - 1 कप
- लहसुन की कली 1 नग
- पुदीने की पत्तियां
- धनिया पत्तियां
- नींबू का रस- 2 बड़े चम्मच
- नमक- स्वादानुसार
- पानी
विधि-
- इस चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले सूखे भांग के बीज को लाल मिर्च के साथ पैन में रोस्ट कर लेंगे.
- फिर इसे सिलबट्टे में या मिक्सी में डालकर इसमें लहसुन, पुदीना के पत्ते और धनिया के पत्ते डालकर इसे पीसना है.
- इसमें अब नमक, नींबू का रस डालकर अच्छे से मिक्स कर लेंगे.
- चटनी बनकर तैयार है इसे आप रोटी, लंच और डिनर में पेयर कर सकते हैं.
झंगोरे की खीर-
मीठे के बिना तो कोई भी शादी अधूरी है. लेकिन यहां गुलाब जामुन या आइसक्रीम की नहीं बल्कि, झंगोरे की खीर की हो रही है. झंगोरे की खीर उत्तराखंड की एक पारंपरिक, पौष्टिक और स्वादिष्ट मीठी डिश है, जो बार्नयार्ड मिलेट से बनती है जिसे सामक चावल के नाम से भी जाना जाता है.
झंगोरे की खीर कैसे बनाएं- (How To Make Jhangora Kheer)
इस खीर को बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में दूध को उबालकर रख लें. दूसरे बर्तन में झंगोरे को गैस पर चढ़ा लें. उसे लगातार करछी से हिलाते भी रहें. चलाते रहें ताकी बर्तन की तली पर झंगोरा न लगे. इसमें चीनी या गुड़ की मात्रा बराबर होनी चाहिए. झंगोरे को दूध में डालें और मध्यम आंच पर पकाएं. अब इसमें चीनी, इलायची पाउडर और केसर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं. खीर को गाढ़ा होने तक पकाएं. घी डालकर मिलाएं. मेवे डालकर सर्व करें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














