इंदिरा एकादशी का व्रत इस साल 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार को रखा जाएगा. यह एकादशी पितृ पक्ष के दौरान पड़ती है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इसका महत्व और बढ़ जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान करने की परंपरा है. मान्यता है कि इंदिरा एकादशी पर किए गए दान-पुण्य से पितरों को शांति मिलती है और परिवार पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है. खास बात यह है कि इसके लिए बहुत ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है. अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-सी वस्तु का दान भी किया जा सकता है.
इंदिरा एकादशी पर दान का क्या है महत्व?
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, एकादशी तिथि पर दान करना धार्मिक रूप से शुभ माना गया है. इंदिरा एकादशी पितृ पक्ष में आती है, इसलिए इस दिन किए गए दान को पितरों के प्रति श्रद्धा से जोड़कर देखा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, दान से पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
अन्न का दान करना माना जाता है शुभ
इंदिरा एकादशी पर अन्न दान किया जा सकता है. जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार चावल, आटा, दाल या अन्य खाद्य सामग्री देना शुभ माना जााता है. पका हुआ भोजन भी दान कियाा जा सकता है. कम बजट में दान करने वालों के लिए यह आसान विकल्प हो सकता है.
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तिल और जल का कर सकते हैं दान
इस दिन तिल का दान भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. काले या सफेद तिल अपनी परंपरा के अनुसार दाान किए जा सकते हैं. इसके अलावा तांबे के पात्र में जल भरकर दान करने की भी मान्यता है.
फल, सब्जी और कपड़े भी कर सकते हैं दान
इंदिरा एकादशी पर जरूरतमंदों को मौसमी फल और हरी सब्जियां देना भी शुभ माना गयाा है. इसके अलावा साफ और उपयोगी कपड़ों का दान किया जा सकता है. दान करते समय दिखावे के बजाय श्रद्धा और अपनी सामर्थ्य का ध्यान रखना चाहिए. धार्मिक मान्यता में दान का उद्देश्य जरूरतमंद की मदद करना और पितरों का स्मरण करनाा माना गया है.
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