- 'मामला लीगल है 2' के फर्जी जज सज्जन पटनायक का किरदार असल जिंदगी के शातिर ठग धनी राम मित्तल पर आधारित है.
- धनी राम ने 40 दिन तक झज्जर कोर्ट का फर्जी जज बनकर 2000 से ज्यादा कैदियों को जमानत दी और खुद को बरी किया.
- 1000 से ज्यादा कारें चुराने वाले इस 'जूनियर नटवरलाल' की असली कहानी पर सीरीज 3 अप्रैल 2026 को रिलीज हुई.
Entertainment News: अगर आपने हाल ही में नेटफ्लिक्स पर मामला लीगल है (Maamla Legal Hai 2) वेब सीरीज बिंज-वॉच की है, तो आपके दिमाग में एक किरदार जरूर छप गया होगा- सज्जन पटनायक! सीरीज में यह जनाब एक जज की कुर्सी पर बैठे नजर आते हैं. बाद में पटपड़गंज कोर्ट के वकीलों के होश तब उड़ जाते हैं, जब पता चलता है कि जिस जज के सामने वो बहस कर रहे हैं, वह तो खुद एक वांटेड ठग है. स्क्रीन पर तो आपने इस 'सज्जन' को बड़ी चालाकी से अपनी ही कार चोरी की फाइल मंगवाकर, सबूतों के अभाव में खुद को बाइज्जत बरी करते हुए देखा और इस डार्क कॉमेडी पर खूब ठहाके लगाए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कहानी किसी राइटर के दिमाग की कोरी उपज नहीं है? यह असली कहानी है हिंदुस्तान के सबसे शातिर चोर की, जिसके असल जिंदगी के कारनामे सुनकर अच्छे-अच्छों का हैरान हो जाते हैं.
मिलिए असली 'सज्जन पटनायक' यानी धनी राम मित्तल से
इस शख्स का असली नाम था धनी राम मित्तल. जुर्म की दुनिया में इसे 'जूनियर नटवरलाल' के नाम से जाना जाता था. साल 1939 में हरियाणा के भिवानी में पैदा हुआ धनी राम कोई अनपढ़ या सड़क छाप चोर नहीं था. उसने रोहतक से साइंस (B.Sc) में फर्स्ट क्लास डिग्री ली थी. इसके बाद उसने राजस्थान से LLB की पढ़ाई की थी. इतना ही नहीं, पुलिस और कानून की नजरों से बचने के लिए उसने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट और ग्राफोलॉजी की भी पढ़ाई कर रखी थी. कानून की इसी तगड़ी समझ का इस्तेमाल उसने जुर्म के लिए किया. 1964 से उसने फर्जीवाड़े और चोरी का जो खेल शुरू किया, वो उसकी जिंदगी की आखिरी सांस तक चलता रहा.

इस सीरिज का धनी राम मित्तल का किरदार दिब्येंदु भट्टाचार्य ने निभाया है
जब चोर बन बैठा 40 दिन का जज
साल 1980 की बात है. धनी राम ने एक दिन अखबार में पढ़ा कि झज्जर के एडिशनल सिविल जज के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभागीय जांच बैठ गई है. बस, यहीं से उसका शातिर दिमाग दौड़ पड़ा. उसने सीधे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के नाम से एक फर्जी लेटर तैयार किया और झज्जर के उस जज को भेज दिया. लेटर में लिखा था कि जांच पूरी होने तक आपको दो महीने की छुट्टी पर भेजा जा रहा है. असली जज साहब लेटर पढ़ते ही अगले दिन से छुट्टी पर चले गए. इसके बाद धनी राम ने एक और फर्जी लेटर उसी रजिस्ट्रार के नाम से भेजा, जिसमें लिखा था कि अब से इस कोर्ट का कामकाज एक नया जज देखेगा. और अगले दिन झज्जर कोर्ट की कुर्सी पर जो 'जज साहब' बैठे, वो कोई और नहीं बल्कि खुद धनी राम मित्तल था.

धनी राम मित्तल की फाइल फोटो.
लगातार 40 दिन तक वह जज बनकर बैठा रहा. इस दौरान उसने 2470 मुकदमों की सुनवाई की. मजे की बात ये है कि हत्या और रेप जैसे गंभीर मामलों को छोड़कर, उसने ज्यादातर मामलों में कैदियों को धड़ाधड़ जमानत दे दी. जेल में कैदी भी खुश कि 'नया जज तो बड़ा ही रहमदिल है'. जब तक किसी को शक होता, अचानक एक दिन 'नया जज' कोर्ट आना बंद कर देता है. जब जांच हुई तो पूरा राज खुल गया, लेकिन तब तक धनी राम अपना खेल करके फरार हो चुका था.
1000 गाड़ियां और 90 से ज्यादा गिरफ्तारियां
धनी राम मित्तल का सबसे बड़ा शौक था कारें चुराना. उसने अपने जीवन में 1000 से ज्यादा गाड़ियां चुराईं. उसके हौसले इतने बुलंद थे कि वो अक्सर गाड़ियां चुराने के लिए कोर्ट परिसर की पार्किंग को ही चुनता था. हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान में उसके खिलाफ 150 से ज्यादा केस दर्ज थे. पुलिस ने उसे उसकी जिंदगी में 90 से ज्यादा बार गिरफ्तार किया था. उसकी 95वीं और आखिरी गिरफ्तारी साल 2016 में हुई थी, जब वह 77 साल का था और दिल्ली के रानी बाग इलाके से एक साथ तीन गाड़ियां चुरा रहा था. फर्जीवाड़े में तो उसे ऐसी महारत हासिल थी कि उसने फर्जी दस्तावेजों के दम पर रेलवे में स्टेशन मास्टर की नौकरी भी हथिया ली थी और 1968 से 1974 तक आराम से वहां काम भी किया.
अब पर्दे पर आई 'जूनियर नटवरलाल' की कहानी
5 दशक से ज्यादा समय तक पुलिस और कानून की नाक में दम करने वाले इस शातिर चोर का 21 अप्रैल 2024 को 85 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. दिल्ली के निगमबोध घाट पर उसके बेटे ने उसका अंतिम संस्कार किया. लेकिन धनी राम की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. 3 अप्रैल 2026 को OTT प्लेटफॉर्म Netflix पर 'मामला लीगल है' सीरिज का सीजन-2 रिलीज हुआ है जिसमें उसके किरदार की झलक देखने को मिली है. इस सीरिज का धनी राम मित्तल का किरदार दिब्येंदु भट्टाचार्य ने निभाया है. प्रीति अग्रवाल और चेतन उन्नियाल की किताब 'मनीराम' पर यह सीरीज आधारित है. दुलकर सलमान के साथ 'कुरुप' बनाने वाले डायरेक्टर श्रीनाथ राजेंद्रन के निर्देशन में बनी इस सीरीज को हिंदी, मलयालम और तेलुगु में पेश किया गया है. अब आप खुद देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि इस शातिर चोर की असली जिंदगी का सस्पेंस और कॉमेडी पर्दे पर कितनी दमदार है.
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