फिल्म 'सहिया' के निर्माता और निर्देशक संजय शर्मा ने फिल्म के सर्टिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. संजय शर्मा का कहना है कि उन्होंने फिल्म के लिए प्रायोरिटी कैटेगरी के तहत आवेदन किया था. ऐसे मामलों में तय समय सीमा के भीतर स्क्रीनिंग हो जानी चाहिए, लेकिन उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग करीब डेढ़ महीने बाद की गई.
उन्होंने आगे कहा कि जब प्रोजेक्ट की स्क्रीनिंग हुई, तो बोर्ड ने बताया कि चूंकि फिल्म की पृष्ठभूमि नक्सलवाद से जुड़ी है, इसलिए इसे रिव्यू कमेटी के पास भेजा जाएगा. ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए फिल्ममेकर ने जोर देकर कहा कि 'सहिया' नक्सलवाद पर आधारित फिल्म नहीं है, बल्कि जंगल की पृष्ठभूमि पर बनी एक पारिवारिक और मानवीय प्रेम कहानी है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्म किसी हिंसक विचारधारा को बढ़ावा या समर्थन नहीं देती है.
फिल्ममेकर ने आरोप लगाया कि स्क्रीनिंग हुए 10 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजे जाने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. साथ ही CBFC की ओर से कोई अंतिम फैसला भी साझा नहीं किया गया है.
संजय शर्मा का कहना है कि यदि बोर्ड को फिल्म पर कोई आपत्ति है तो उसे नियमों के तहत फैसला लेना चाहिए, लेकिन पूरी प्रक्रिया एक तय समय सीमा में पूरी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह की देरी से केवल निर्माता और निर्देशक को आर्थिक नुकसान नहीं होता, बल्कि फिल्मों की पहले से तय रिलीज योजना भी प्रभावित होती है. संजय शर्मा ने CBFC से आग्रह किया है कि वह 'सहिया' पर जल्द फैसला ले, ताकि फिल्म को बिना अनावश्यक देरी के रिलीज किया जा सके.
फिल्म 'सहिया' की शूटिंग झारखंड के नेतरहाट क्षेत्र में हुई है. फिल्म में नीरज काबी, शांतनु माहेश्वरी और रिंकू राजगुरु मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे. वहीं, सोना महापात्रा, जावेद अली, ऋचा शर्मा, कृष्णा बेउरा और स्वानंद किरकिरे ने फिल्म के गीतों को अपनी आवाज दी है. इन गीतों के बोल समीर अंजान और स्वानंद किरकिरे ने लिखे हैं.
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