CV vs Resume Difference: कॉलेज खत्म करने के बाद या जॉब मार्केट में आते समय दो शब्द सबसे ज्यादा सुनने को मिलते हैं. पहला सीवी (CV) दूसरा रिज्यूमे (Resume). दोनों ही जॉब पाने में काफी हेल्पफुल होती हैं. लेकिन ज्यादातर लोग इन दोनों के बीच का फर्क नहीं समझ पाते हैं, कि इनमें से कब किसका इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आप भी सीवी और रिज्यूमे का अंतर नहीं जानते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस आर्टिकल में बिलकुल आसान तरीके से दोनों का अंतर समझिए, ताकि आप अपने जॉब एप्लिकेशन में सही डॉक्यूमेंट भेज सकें.
रिज्यूमे क्या होता है?
रिज्यूमे एक छोटा डॉक्यूमेंट होता है. इसका मकसद सिर्फ उस जॉब के लिए जरूरी एक्सपीरिएंस और स्किल्स दिखाना होता है. ये आमतौर पर 1-2 पेज का होता है. इसे हर जॉब के हिसाब से कस्टमाइज किया जा सकता है. इसमें केवल मेन अचीवमेंट्स और रिजल्ट्स शामिल किए जाते हैं. रिज्यूमे अक्सर कीवर्ड्स का इस्तेमाल करता है, ताकि ATS (ऑटोमैटिक रिज्यूमे स्कैनिंग सिस्टम) में पास हो सके. जैसे अगर आप किसी बैंक में नौकरी के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो आप अपने रिज्यूमे में बैंकिंग एक्सपीरियंस और स्किल्स को हाईलाइट करेंगे.
CV क्या होता है?
CV (Curriculum Vitae) एक लेंदी और डिटेल्ड डॉक्यूमेंट होता है. इसमें आपकी पूरा एकेडमिक और प्रोफेशनल सफर शामिल होता है. इसकी लंबाई आमतौर पर 3-8 पेज या ज्यादा हो सकती है. इसमें एजुकेशन क्वालिफिकेशन, रिसर्च, पब्लिकेशन, प्रेजेंटेशन, अवॉर्ड और एक्सपीरिएंस डिटेल्स से लिखे जाते हैं. सीवी ज्यादातर एकेडमिक, रिसर्च और सीनियर पोजिशन के लिए इस्तेमाल होता है. इसमें रिफरेंसेस का भी डिटेल्स शामिल हो सकता है. जैसे अगर आप किसी यूनिवर्सिटी या रिसर्च इंस्टीट्यूट में अप्लाई कर रहे हैं, तो CV में आपकी पूरी रिसर्च, पब्लिकेशन और प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे.
क्या सीवी और रिज्यूमे दोनों एक जैसे भी हो सकते हैं
कुछ जगहों पर सीवी और रिज्यूमे एक-दूसरे की जगह भी यूज होते हैं. सिर्फ इस बात का ध्यान रखना होता है कि रिज्यूमे एंट्री-लेवल और मिड-लेवल जॉब्स और सीवी एकेडमिक, रिसर्च और सीनियर जॉब्स के लिए इस्तेमाल होता है. दोनों को हमेशा जॉब पोस्टिंग के हिसाब से ही बनाना चाहिए.
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