Vedic Mathematics West Bengal Colleges : पश्चिम बंगाल के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सर्कुलर (Curricula) में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत राज्य के हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स में वैदिक गणित और प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने की तैयारी चल रही है. इसके साथ ही, राजनीति विज्ञान (Political Science) के स्टूडेंट्स को अब चाणक्य नीति भी पढ़ाई जा सकती है. सरकार द्वारा गठित एक पैनल के सदस्य ने बुधवार को इसकी जानकारी दी.
NEP 2020 के तहत तैयार हो रहीं गाइडलाइंस
कल्याणी विश्वविद्यालय के कुलपति और सरकारी पैनल के सदस्य कल्लोल पाल ने पीटीआई से बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के के अनुसार, राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक कॉमन मॉडल और दिशा-निर्देशों (Guidelines) का सेट तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "वैदिक सिद्धांतों और शास्त्रीय सिद्धांतों को, जो आज के दौर में प्रासंगिक हैं, सिलेबस में शामिल किया जाएगा."
क्या है इसके पीछे का उद्देश्य?
यह पहल केंद्र सरकार के भारतीय ज्ञान प्रणाली - IKS स्ट्रक्चर का हिस्सा है. इसको पहले से ही देश के विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में स्टूडेंट्स को पढ़ाया जा रहा है. कल्याणी यूनिवर्सिटी के वीसी कल्लोल पाल ने कहा कि हम 21वीं सदी में पहुंच चुके हैं और प्राचीन काल में अवलेवल गणितीय ज्ञान से काफी आगे निकल चुके हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि उन सब्जेक्ट्स को इतिहास के हिस्से के रूप में रखा जा सकता है, लेकिन मॉडर्न मैथ, साइंस और टेक्नोलॉजी के विकास पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए.
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
इस बड़े बदलाव को लेकर जब पश्चिम बंगाल के मिनिस्टर ऑफ हायर एजुकेशन जगन्नाथ चट्टोपाध्याय से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फिलहाल इस पर कोई ऑफिशियल बयान देने से इनकार कर दिया.एजुकेशन मिनिस्टर ने कहा, "सरकार अभी ऑफिशियली इस पर ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं कर सकती है."
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