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उत्तराखंड के इस स्कूल से पढ़ें हैं भारत के ये पूर्व प्रधानमंत्री, फीस सुनकर उड़ जाएंगे आपको होश

The Doon School : यह स्कूल देश के सबसे प्रीस्टीजियस और महंगे स्कूलों में गिना जाता है. यहां पढ़ाई करना हजारों छात्रों का सपना माना जाता है और इसकी पहचान सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बनी हुई है.

उत्तराखंड के इस स्कूल से पढ़ें हैं भारत के ये पूर्व प्रधानमंत्री, फीस सुनकर उड़ जाएंगे आपको होश
दून स्कूल की स्थापना साल 1935 में मशहूर वकील सतीश रंजन दास ने की थी.

The Doon School: उत्तराखंड को भारत का एजुकेशनल हब माना जाता है और इस पहचान को बनाने में कई बड़े स्कूलों की अहम भूमिका रही है. इन्हीं में से एक द दून स्कूल, जिसे देश के सबसे प्रीस्टीजियस और महंगे स्कूलों में गिना जाता है. देहरादून स्थित यह ऑल-बॉयज प्राइवेट बोर्डिंग स्कूल अपनी बेहतरीन शिक्षा व्यवस्था और यहां से निकले नामचीन पूर्व छात्रों के कारण हमेशा चर्चा में रहता है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनके भाई संजय गांधी भी इसी स्कूल के छात्र रह चुके हैं, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अपनी शुरुआती पढ़ाई यहीं से की थी.

1935 में हुई थी स्कूल की शुरुआत

दून स्कूल की स्थापना साल 1935 में मशहूर वकील सतीश रंजन दास ने की थी. इसे ब्रिटिश पब्लिक स्कूल मॉडल को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था, ताकि भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सके. 10 सितंबर 1935 को यहां पहली बार छात्रों का एडमिशन हुआ था, जबकि 27 अक्टूबर 1935 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड विलिंगडन ने इसका उद्घाटन किया था. स्कूल के पहले हेडमास्टर आर्थर ई. फूट थे, जिन्होंने इंग्लैंड के प्रतिष्ठित ईटन कॉलेज में भी पढ़ाया था. 

स्कूल की खासियत 

दून स्कूल पूरी तरह रेजिडेंशियल है, यानी यहां छात्र और ज्यादातर टीचर्स कैंपस में ही रहते हैं. इस स्कूल में फिलहाल लगभग 500 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. दून स्कूल में एडमिशन पाना बेहद कठिन माना जाता है. इस स्कूल में आमतौर पर 7वीं और 8वीं कक्षा में ही एडमिशन दिया जाता है. छात्र 10वीं में कैम्ब्रिज IGCSE परीक्षा देते हैं और बाद में ISC या इंटरनेशनल बैकालॉरिएट (IB) में पढ़ाई का ऑप्शन चुन सकते हैं.

फीस सुनकर उड़ जाएंगे होश

इस स्कूल की फीस भी इसे खास बनाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दून स्कूल की सालाना फीस करीब 10 से 11 लाख रुपये तक है. इसके अलावा सेमेस्टर खर्च और दूसरी एक्टिविटीज के लिए अलग से चार्ज देना पड़ता है. यही वजह है कि इसे भारत के सबसे महंगे स्कूलों में शामिल किया जाता है.

कई बड़े नाम रहे हैं इस स्कूल का हिस्सा

दून स्कूल से सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि कई बड़े कलाकार, लेखक, बिजनेसमैन और खिलाड़ी भी निकले हैं. इनमें मशहूर लेखक विक्रम सेठ, इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फैशन डिजाइनर तरुण ताहिलियानी और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा भी इसी स्कूल के पूर्व छात्र रह चुके हैं.

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