Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar 2026 : कोई बड़ा या अच्छा काम करने के लिए हमेशा बड़ी उम्र का इंतजार नहीं करना पड़ता. कई बच्चे खेल, समाज सेवा, पर्यावरण, कला, विज्ञान और दूसरे क्षेत्रों में ऐसी मिसाल पेश करते हैं, जो उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाती है. अगर आपके आसपास भी ऐसा कोई बच्चा है, जिसने अपनी उम्र से बढ़कर कोई खास काम किया है, तो अब उसे देश के बड़े सम्मान तक पहुंचाने का मौका है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन और नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है. खास बात यह है कि बच्चे खुद भी अपना आवेदन कर सकते हैं और कोई दूसरा व्यक्ति या संस्था भी उनका नाम भेज सकती है.
किन क्षेत्रों में दिया जाता है पुरस्कार?
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए 5 से 18 साल तक के बच्चे आवेदन कर सकते हैं. आवेदन सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि कोई शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संस्था या कोई भी जिम्मेदार नागरिक किसी योग्य बच्चे का नाम भी भेज सकता है. यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी उम्र में किसी क्षेत्र में असाधारण काम किया हो. इसमें बहादुरी, खेल, समाज सेवा, पर्यावरण, कला एवं संस्कृति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसी छह श्रेणियां शामिल हैं.
कैसे करें आवेदन?
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा. इसके लिए सबसे पहले अवार्ड्स पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद आवेदन फॉर्म में बच्चे का नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और दूसरी जरूरी जानकारी भरनी होगी. फिर संबंधित पुरस्कार श्रेणी चुनकर बच्चे की उपलब्धि का विवरण, जरूरी दस्तावेज और फोटो अपलोड करनी होगी. आवेदन जमा होने के बाद उसका कन्फर्मेशन सुरक्षित रखना चाहिए.
आवेदन करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
आवेदन के साथ बच्चे की उपलब्धि का विवरण अधिकतम 1000 शब्दों में देना होगा. साथ ही उस उपलब्धि से जुड़े जरूरी दस्तावेज और हाल की फोटो भी अपलोड करनी होगी. मंत्रालय के मुताबिक, जिस उपलब्धि के आधार पर आवेदन किया जा रहा है, वह आवेदन की अंतिम तारीख से पहले के दो साल के भीतर की होनी चाहिए. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन और नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है. हर साल आमतौर पर अधिकतम 25 बच्चों को यह सम्मान दिया जाता है. असाधारण परिस्थितियों में चयन समिति इस संख्या में बदलाव भी कर सकती है. चयनित बच्चों को भारत के राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाता है और उन्हें पदक व प्रमाण पत्र दिए जाते हैं.
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