पेपर लीक की घटनाओं और एक ही दिन देशभर में परीक्षा कराने से जुड़ी बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों को देखते हुए अब नीट एग्जाम के स्वरूप में बड़े बदलाव पर मंथन शुरू हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट परीक्षा को JEE Main की तरह पांच से छह दिनों में कई चरणों में आयोजित करने, राज्यवार परीक्षा कराने और भविष्य में पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने जैसे प्रस्तावों पर गंभीरता से चर्चा हुई है.
दरअसल, 2 जुलाई को शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की मीटिंग में NTA के डीजी अभिषेक सिंह, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और प्रोफेसर राधाकृष्ण शामिल हुए थे. बैठक में चर्चा हुई कि क्या नीट परीक्षा को JEE Main की तरह कई चरणों में आयोजित किया जा सकता है. सूत्रों ने बताया कि राज्यवार परीक्षा कराने का सुझाव भी सामने आया, जिससे पेपर लीक के जोखिम और लॉजिस्टिक चुनौतियों को कम किया जा सके. हालांकि,
MBBS, आयुष और नर्सिंग जैसे कोर्सों के लिए अलग-अलग एग्जाम
कुछ सदस्यों ने MBBS, आयुष और नर्सिंग जैसे कोर्सों के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं कराने का सुझाव भी दिया, लेकिन उन्हें बताया गया कि इन सभी कोर्सों में प्रवेश NEET के अंकों के आधार पर ही निर्धारित होता है. गौरतलब है कि 21 जून को आयोजित NEET रीएग्जाम के दौरान प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए एयरफोर्स, पैरामिलिट्री और ढाई लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी.
पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड होगी नीट परीक्षा
देशभर के पांच हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और कुछ दिनों के लिए टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अस्थायी रोक लगानी पड़ी थी. वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही कह चुके हैं कि 2027 से NEET परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड होगी. हालांकि, लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने NTA की परीक्षा प्रणाली और उसकी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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