NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा था और इस फैसले ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए. तमाम विवादों के बीच शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने कई बैठकें कीं और आखिरकार बताया गया कि 21 जून को दोबारा एग्जाम करवाया जाएगा, इसके अलावा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, इस दौरान उन लोगों का नाम भी सामने आया, जिन्हें एनटीए ने पेपर सेट करने के लिए हायर किया था. ऐसे में अब नीट री-एग्जाम को लेकर इन तमाम बातों को ध्यान में रखा जा रहा है. पेपर सेट करने का पूरा प्रोटोकॉल और सख्त कर दिया गया है और इस काम में शामिल सभी लोगों को बाहरी दुनिया से संपर्क करने की इजाजत नहीं है.
बड़ी परीक्षाओं में फॉलो होता है प्रोटोकॉल
नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं में पहले से ही एक प्रोटोकॉल फॉलो होता है, जिसमें क्वेश्नन बनाने वाले टीचर्स के लिए कुछ नियम तय किए जाते हैं. इसमें पेपर के अलग-अलग सेट तैयार किए जाते हैं और हर सेट को बनाने में अलग लोगों का इस्तेमाल होता है. आखिर में किसी को भी ये पता नहीं चल पाता है कि कौन सा सेट एग्जाम के लिए जाने वाला है. यानी सिक्योरिटी लेयर्स की व्यवस्था पहले से थी, लेकिन इसमें भी अबकी बार सेंधमारी हो गई.
सीबीआई की जांच में एनटीए के साथ कई सालों से सब्जेक्ट एक्सपर्ट के तौर पर काम करने वाले पीवी कुलकर्णी का नाम सामने आया था. बताया गया कि इस आरोपी की पहुंच नीट पेपर के अलग-अलग सेट्स तक हो गई थी. पेपर लीक मामले में सीबीआई ने कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है.
अबकी बार बेहद सख्त पहरा
नीट री-एग्जाम को लेकर अब पहरा और ज्यादा सख्त हो चुका है. एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक करीब 20 दिन पहले टीचर्स और एक्सपर्ट की एक टीम गठित की गई, जिसका काम नीट री-एग्जाम के लिए पेपर सेट करना था. काम शुरू होने के बाद इस टीम को पूरी तरह से आइसोलेट कर दिया गया और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म कर दिया गया है. सभी सदस्यों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी के पास भी इंटरनेट की सुविधा नहीं है. एग्जाम के दिन यानी 21 जून तक इन सभी के लिए ये नियम लागू रहेंगे. यानी एनटीए ने अंदर भी मल्टी लेयर सिक्योरिटी की व्यवस्था की है.
एयरफोर्स और पैरामिलिट्री की मदद
नीट के दोबारा होने वाले एग्जाम को लीक प्रूफ बनाने के लिए एयरफोर्स की मदद ली जा रही है, भारतीय वायुसेना पेपर के ट्रांसपोर्टेशन का काम देखेगी. इसके अलावा करीब पांच लाख जवानों की तैनाती देशभर में की जाएगी. एआई वाले कैमरे और सोशल मीडिया पर नजर रखने की बात भी कही गई है.
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