देहरादून में स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में युवाओं को देश सेवा के लिए तैयार किया जाता है. हर साल यहां से ऐसे योद्धा निकलते हैं तो देश की सीमाओं की रक्षा में जान की बाजी लगा देते हैं. इस साल ऐसे ही युवाओं में शामिल है किर्गिस्तान के कैडेट Juo Askatbek Zhusupov Kanatbekovich. इनके लिए 13 जून 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है.
भारत में हुए शानदार अनुभव
Juo Askatbek Zhusupov Kanatbekovich 13 जून 2026 को पासिंग आउट परेड के साथ सैन्य अफसर के तौर पर नए सफर की शुरुआत करेंगे. वे साल 2025 में प्रशिक्षण के लिए भारत आए थे. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न देशों से आए कैडेट के साथ मिलकर काम किया.
IMA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें Juo ने अपने अनुभव शेयर किए हैं-
Forging Leaders, Strengthening Camaraderie
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) June 9, 2026
As a Foreign Officer Cadet from Kyrgyzstan prepares to embark on his journey as a military leader, he reflects on the experiences and lessons that have shaped his life in India ahead of the Passing Out Parade on 13 June 2026 at the… pic.twitter.com/IT1gXRsxSF
IMA में दिया जाता है ऐसा प्रशिक्षण
IMA में प्रशिक्षण केवल शारीरिक मजबूती हासिल करने तक सीमित नहीं होता है बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व का निर्माण करता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता रखते हों. कैडेट्स को यहां कठोर सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है. अनुशासन और नेतृत्व संबंधी अनेक चुनौतियों का सामना करना होता है.
किर्गिस्तान-भारत सहयोग
किर्गिस्तान के इस कैडेट का सफर भारत और किर्गिस्तान के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों का भी प्रतीक है. दोनों देशों के बीच वर्षों से मित्रता, पारस्परिक सम्मान और सहयोग की भावना रही है. सैन्य प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम इन संबंधों को और अधिक सशक्त बनाते हैं.
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