1 जून को जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) 2026 प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा. जिसके बाद 2 जून से JoSAA काउंसलिंग शुरू हो जाएगी. इस काउंसलिंग के जरिए IIT या NIT की सीट अलॉट होती है. JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार को Freeze (फ्रीज), Float (फ्लोट), या Slide (स्लाइड) में से किसी एक विकल्प को चुनना होता है. जो भी बच्चे इस साल JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें इनका मतलब पता होना चाहिए. आखिर इन तीनों शब्दों का क्या अर्थ होता है और इनमें से कौन सा विकल्प चुनना सबसे बेस्ट होता है, आइए विस्तार से जानते हैं, इसके बारे में.
Freeze विकल्प का क्या मतलब है
JoSAA काउंसलिंग के दौरान अगर किसी छात्र को अपनी पसंद का कॉलेज मिल जाता है, तो छात्र को Freeze विकल्प का चुनाव करना चाहिए. ऐसा करने से आप अपनी सीट अपने मनपसंद कॉलेज में सुरक्षित कर लेते हैं. याद रखें कि Freeze विकल्प का चुनाव तभी करें जब आपको सबसे टॉप चॉइस वाला कॉलेज मिल जाए.
Float विकल्प का क्या मतलब है
'Float' को JoSAA काउंसलिंग में सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है, JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने वाले अधिकतर छात्र इसी विकल्प का चुनाव करते हैं. शुरुआती राउंड में 'Float' का चुनाव करने से वर्तमान सीट भी सुरक्षित रहती है और आने वाले राउंड्स में और बेहतर टॉप-रैंक कॉलेज मिलने की संभावना बनी रहती है.
Slide विकल्प का क्या मतलब है
JoSAA काउंसलिंग के समय अगर किसी छात्र को मनपसंद कॉलेज मिल जाता है, लेकिन वो अगले राउंड में उसी कैंपस के भीतर मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल ब्रांच बदलकर कंप्यूटर साइंस (CS) या आईटी (IT) करना चाहता है, तो उसे Slide विकल्प का चुनाव करना चाहिए.
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