जेईई मेन 2026 को लेकर स्टूडेंट्स के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा कट-ऑफ और रिजल्ट की है, क्योंकि यही तय करेगा कि आगे जेईई एडवांस्ड का रास्ता खुलेगा या नहीं. इस साल जनवरी और अप्रैल दोनों सेशन देने वाले कैंडिडेट्स अपने फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक पेपर का लेवल पिछले साल के मुकाबले थोड़ा ज्यादा कठिन माना जा रहा है, जिससे कट-ऑफ पर भी असर देखने को मिल सकता है. अब सबकी नजर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के फाइनल ऐलान पर टिकी हुई है.
कब आएगा जेईई मेन 2026 रिजल्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार NTA ने 11 अप्रैल को सेशन 2 की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी थी. इसके बाद अब फाइनल रिजल्ट 20 अप्रैल तक जारी होने की उम्मीद है. रिजल्ट जारी होने के साथ ही ऑफिशियल कट-ऑफ भी घोषित की जाएगी. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट jeemain.nta.nic.in और nta.ac.in पर चेक कर सकेंगे.
कट-ऑफ कैसे होता है तय
जेईई मेन का कट-ऑफ कई फैक्टर्स पर डिपेंड करता है. इसमें सबसे इंपोर्टेंट होता है परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स की संख्या और पेपर कितना टफ है. अगर पेपर कठिन होता है तो कट-ऑफ थोड़ा नीचे जा सकता है, जबकि आसान पेपर में कट-ऑफ ऊपर जाता है. इस साल पेपर को मॉडरेटली कठिन बताया जा रहा है, इसलिए हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है.
पिछले 5 साल का ट्रेंड क्या कहता है
अगर पिछले 5 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनरल कैटेगरी की कट-ऑफ 90 से 100 पर्सेंटाइल के बीच रही है. वहीं OBC, SC और ST कैटेगरी के लिए ये अलग-अलग स्तर पर रही है. इससे स्टूडेंट्स को अंदाजा मिल जाता है कि इस साल क्या उम्मीद रखनी चाहिए. हालांकि फाइनल फैसला NTA के रिजल्ट के साथ ही सामने आएगा.
जेईई एडवांस्ड के लिए जरूरी शर्तें
सिर्फ कट-ऑफ क्लियर करना ही काफी नहीं है. जेईई एडवांस्ड में बैठने के लिए स्टूडेंट्स को 12वीं में भी तय प्रतिशत हासिल करना जरूरी होता है. जनरल और OBC कैटेगरी के लिए कम से कम 75 प्रतिशत और SC, ST व PwD के लिए 65 प्रतिशत अंक जरूरी हैं.
दो सेशन का फायदा कैसे मिलेगा
जेईई मेन 2026 में जिन स्टूडेंट्स ने दोनों सेशन दिए हैं, उनके लिए सबसे अच्छी बात ये है कि उनका बेस्ट स्कोर माना जाएगा. यानी दोनों में से जो स्कोर ज्यादा होगा, उसी के आधार पर रैंक और मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी.
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