IIT admission: JEE Main क्लियर करने के बाद ज्यादातर छात्रों को लगता है कि अब IIT या NIT का रास्ता साफ है. लेकिन कई बार 12वीं में 75% से कम नंबर आने पर सारी प्लानिंग को बड़ा झटका लग सकता है. खासकर तब जब JEE में अच्छी रैंक आई हो. CBSE के नियम के मुताबिक जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए 75% और आरक्षित वर्ग के लिए 65% मार्क्स जरूरी होते हैं. लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि आपका इंजीनियर बनने का सपना खत्म हो गया. नंबर सुधारने से लेकर दूसरे अच्छे कॉलेजों तक, आपके पास कम परसेंटेज के बावजूद कई मौके हैं. चलिए जानते हैं ऐसी स्थिति में आप क्या कर सकते हैं.
ऐसे मिल सकता है दूसरा मौका
कई बार छात्रों को लगता है कि उनकी कॉपी उम्मीद के मुताबिक चेक नहीं हुई. इस बार कई छात्र सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को इसका जिम्मेदार मान रहे हैं, उनका कहना है कि इस डिजिटल कॉपी चेकिंग वाले सिस्टम के चलते उन्हें कम नंबर दिए गए. अगर आपके साथ भी ऐसा ही है तो CBSE की वेबसाइट पर जाकर री इवैल्यूएशन या वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. कई छात्रों के नंबर इस प्रोसेस से बढ़ भी जाते हैं. अगर कुछ सब्जेक्ट्स में कम मार्क्स आए हैं. तो कंपार्टमेंट या इम्प्रूवमेंट एग्जाम सबसे अच्छा विकल्प हो सकती है. CBSE जुलाई में ये एग्जाम करवाता है. जिसमें छात्र अपने नंबर सुधार सकते हैं. अगर मार्क्स 75% से थोड़े ही कम हैं तो ये ऑप्शन आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं.
प्राइवेट कैंडिडेट और NIOS भी हैं अच्छे ऑप्शन
कुछ छात्र तुरंत दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते या एक से ज्यादा सब्जेक्ट में सुधार करना चाहते हैं. ऐसे में वो अगले साल CBSE में प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर फॉर्म भर सकते हैं. इसमें स्कूल जाने की जरूरत नहीं होती और पुराने प्रैक्टिकल नंबर भी सेम ही रहते हैं. इसके अलावा NIOS भी आज काफी छात्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है. यहां छात्र ऑन-डिमांड एग्जाम देकर अपने मार्क्स सुधार सकते हैं. हालांकि JEE Advanced देने की सोच रहे छात्रों को इसके नियम और टाइम लिमिट पहले अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए.
IIT-NIT नहीं तो भी इंजीनियरिंग के कई रास्ते खुले हैं
ये बात समझना जरूरी है कि 75% का नियम सिर्फ IIT, NIT, IIIT और कुछ सरकारी संस्थानों पर लागू होता है. इसके अलावा देश में कई अच्छे प्राइवेट और स्टेट इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं. जहां एडमिशन लेने के लिए सिर्फ 12वीं पास होना ही काफी होता है. MHT CET, COMEDK और UPTAC जैसी काउंसलिंग के जरिए अच्छे कॉलेज मिल सकते हैं. VIT, मणिपाल और BITS जैसे बड़े संस्थान अपनी अलग एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर एडमिशन देते हैं.
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