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Success Story : 17 साल के इमरान ने कर दिया कमाल! 6 महीने मे खड़ी कर दी 5 करोड़ की कंपनी, कहानी सुन हो जाएंगे फैन

जम्मू-कश्मीर के राजौरी के 17 वर्षीय इमरान चौधरी की प्रेरक कहानी, जिन्होंने महज 6 महीने में 5 करोड़ की AI कंपनी 'Lagnever' बनाई और अब ब्लैकरॉक के ग्लोबल प्रोग्राम के लिए चुने गए हैं.

Success Story : 17 साल के इमरान ने कर दिया कमाल! 6 महीने मे खड़ी कर दी 5 करोड़ की कंपनी, कहानी सुन हो जाएंगे फैन
इमरान चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को बताया कि उनकी सफलता के पीछे 12 लोगों की एक छोटी सी टीम की कड़ी मेहनत है.
ANI

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजौरी के एक छोटे से गांव डूंगी(Doongi) के रहने वाले 17 साल के स्टूडेंट इमरान चौधरी ने कमाल कर दिया है. मुश्किल हालातों और कम संसाधनों के बीच रहते हुए इमरान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उन्होंने 'लैगनेवर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड' (Lagnever Technologies Private Limited) नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है, जो आज देश के तेजी से बढ़ते एडटेक (EdTech) सेक्टर में सुर्खियां बटोर रहा है. बता दें कि इमरान की कंपनी का मेन प्रोडक्ट 'लैगनेवर एआई' (Lagnever AI) ऐप है, जिसकी वैल्यूएशन महज 6 महीने में 5 करोड़ आंकी गई है और अब तक 10,000 से ज्यादा छात्र डाउनलोड्स कर चुके हैं.  तो चलिए जानते हैं इमरान के इस अचीवमेंट के पीछे का संघर्ष और इनके स्टार्टअप की खासियत क्या है जिसके कारण इनकी हर तरफ चर्चा हो रही है...

12 लोगों की टीम ने मिलकर किया कमाल

इमरान चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को बताया कि उनकी सफलता के पीछे 12 लोगों की एक छोटी सी टीम की कड़ी मेहनत है. इस टीम में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अनीस अजीज, डायरेक्टर सरफराज हुसैन, सोशल मीडिया हैंडल करने वाले अर्नब बलगोत्रा और शोएब कुरैशी शामिल हैं. इमरान ने अपनी कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मोहिब अल्ताफ की तारीफ करते हुए कहा कि ऐप को लोगों तक पहुंचाने और डाउनलोड्स बढ़ाने में मोहिब का सबसे बड़ा योगदान रहा है.

सरकार से मदद की उम्मीद

कंपनी के सीएमओ मोहिब अल्ताफ ने मार्केटिंग और ब्रांडिंग को लेकर अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि शुरुआत में लोगों के बीच इस ऐप को लेकर जागरूकता कम थी. मोहिब ने कहा, "जम्मू-कश्मीर से पहली बार किसी ने ऐसा एआई ऐप बनाया है, लेकिन हमें सरकार से वैसी मदद नहीं मिली जैसी किसी टेक कंपनी को मिलनी चाहिए. हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर सरकार और केंद्र सरकार हमारे जैसे स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं."

दुनिया के टॉप 60 युवाओं में हुए शामिल

इमरान चौधरी की इस कामयाबी की गूंज अब पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. उनका चयन दुनिया के एक बेहद खास इंटरनेशनल प्रोग्राम के लिए हुआ है, जो मशहूर ग्लोबल फर्म 'ब्लैकरॉक' (BlackRock) से जुड़ा है. इस प्रोग्राम में दुनिया भर से सिर्फ 60 होनहार फाउंडर्स को चुना गया है.

इस प्रोग्राम के बारे में एएनआई से बात करते हुए इमरान ने बताया, "इसके तहत बेंगलुरु में छह महीने के सेशन होंगे. इस दौरान कई इवेंट्स होंगे और हमें अलग-अलग देशों में जाकर दुनिया की वास्तविक समस्याओं को हल करने का मौका मिलेगा."

लैगनेवर एआई एप की क्या है खासियत

यह ऐप स्टूडेंट्स को एआई की मदद से पढ़ाई करने, नोट्स तैयार करने, क्विज और करियर गाइडेंस में हेल्प करता है. यह ऐप स्कूल के टीचरों की जगह नहीं लेता, बल्कि पढ़ाई में स्टूडेंट्स की मदद करता है.

युवाओं के लिए है प्रेरणा

इमरान का सपना एक ऐसा मजबूत एआई एजुकेशन सिस्टम तैयार करना है, जहां देश और दुनिया के किसी भी कोने से छात्र कभी भी और कहीं भी बेहतरीन पढ़ाई कर सकें. सीमावर्ती और पहाड़ी इलाके से आने वाले इमरान की यह कहानी जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है. उन्होंने साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल आप पार करके सफलता हासिल कर सकते हैं.

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