दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पिछले कई दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ की बहाली की मांग कर रहे हैं. इसी बीच छात्रों और जामिया प्रशासन के बीच झड़प की खबर भी सामने आई, जिसमें छात्रों ने मारपीट का आरोप भी लगाया. अब इस मामले में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है. जामिया में छात्रों की शिकायतें सुनने के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. इसे लेकर यूनिवर्सिटी की तरफ से एक बयान जारी किया गया है. इसमें बताया गया है कि 18 अक्टूबर को कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों से होगी बात
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, ये सात सदस्यीय कमेटी प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करेगी और उनकी शिकायतों व मांगों पर विचार करेगी. प्रशासन के मुताबिक, कमेटी बनाए जाने का मकसद कैंपस में शांति बहाल करना और सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू करने के लिए जरूरी कदम उठाना है.
छात्रों का क्या कहना है?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 12 अक्टूबर से छात्र अनशन और प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि वो तब तक नहीं उठेंगे, जब तक छात्रसंघ की वापसी नहीं हो जाती है. फिलहाल 12 छात्र इस हंगर स्ट्राइक पर बैठे हैं और उनके साथ बाकी छात्रों का भी समर्थन है. छात्र संघ की बहाली के अलावा छात्रों ने प्रॉक्टर असद मलिक का भी इस्तीफा मांगा है. साथ ही छात्रों के खिलाफ लिए गए एक्शन को वापस लेने की मांग भी की जा रही है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत से छात्रसंघ की बहाली समेत अन्य मांगों पर कोई समाधान निकल पाता है या नहीं.
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