IPS Success Story: जो लोग असफलता और रिजेक्शन के आगे झुकते नहीं हैं, जीत उन्हीं को मिलती है. IPS Umesh Ganpat की कहानी पढ़कर आप इस बात पर यकीन करने लग जाएंगे. उमेश गणपत ने साबित करके दिखाया की अगर हौसलों में दम हो तो जीवन में कुछ भी हासिल किया जा सकता है. उमेश गणपत पढ़ाई में ज्यादा तेज नहीं थे. यहां तक की वो 12वीं तक पास नहीं कर पाए थे. 12वीं फेल होने के बाद उन्होंने स्कूल ही छोड़ दिया और साइकिल पर दूध बेचने का काम करने लगे. लेकिन इस बीच उनके साथ कुछ ऐसा हुआ की उनकी किस्मत बदल गई. उमेश गणपत की सक्सेस स्टोरी पढ़कर आपको समझ आ जाएगा की जीत केवल संघर्ष के बाद ही मिलती है.
पिता के साथ दूध बचा
उमेश गणपत का जन्म महाराष्ट्र में हुआ है. त्र्यंबकेश्वर के पास छोटे से एक गांव से नाता रखने वाले उमेश गणपत के पिता दूध बेचा करते थे. गांव के ही एक स्कूल से उमेश गणपत ने पढ़ाई की. 12वीं में उमेश इंग्लिश में फेल हो गए थे. जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. पढ़ाई छोड़ने के बाद उमेश अपने पिता के साथ ही दूध बचने लगे. लेकिन कुछ समय बाद उन्हें समझ आ गया की उनका सपना जीवन में कुछ बड़ा करने का है. फिर क्या उन्होंने अपनी किस्मत पलटने की सोची और यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया. साल 2005 में 12वीं पास की और पुणे यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया. यहां BA, BEd और MA की.
तीसरे प्रयास में क्रैक किया एग्जाम
इसके बाद उमेश ने यूपीएससी की तैयारी करने का सोचा और दिल्ली आ गए. उन्होंने साल 2012 और 2013 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी. लेकिन फेल हो गए. 2014 में फिर ये परीक्षा दी और ऑल इंडिया रैंक 704 हासिल की. आज उमेश IPS अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं.
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