- IIT रुड़की का सर्कुलर सोशल मीडिया पर वायरल
- छात्र-कर्मचारियों के राजनीतिक बयानबाजी और गतिविधियों पर रोक
- IIT प्रशासन ने कहा- हर साल एकेडमिक सेशन के लिए जारी होते हैं इस तरह सर्कुलर
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) रुड़की ने अपने छात्रों और स्टाफ को नसीहत देते हुए एक सर्कुलर जारी किया है. इसमें कहा है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके मौजूदा राजनीतिक आंदोलन जैसे किसी भी राजनीतिक आंदोलन के प्रति अपना समर्थन न दिखाएं. आईआईटी रुड़की का ये सर्कुलर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. कई यूजर्स ने इसे 'मुंह बंद करने का आदेश' करार दिया. वहीं, संस्थान का कहना है कि यह मौजूदा नियमों के मुताबिक है. इसे कॉन्टैक्स से हटकर नहीं देखा जाना चाहिए.
दरअसल, दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का आंदोलन चल रहा है. सोमवार को हुए प्रदर्शन के बाद देशभर में जगह-जगह पर छात्र आंदोलन हुए. ऐसे में उत्तराखंड के रुड़की आईआईटी के छात्र और कर्मचारियों के लिए एक सर्कुलर जारी किया गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस सर्कुलर में कहा गया है कि रुड़की आईआईटी का कोई भी छात्र या कर्मचारी सोशल मीडिया या किसी अन्य प्लेटफार्म पर राजनीतिक बयानबाजी नहीं करेगा.
'सार्वजनिक बयान रखने की कोई अनुमति नहीं'
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखा गया है कि आईआईटी कैंपस के कुछ लोग सार्वजनिक बयान और आलोचना के जरिए मौजूदा राजनीतिक आंदोलन के प्रति अपना झुकाव दिखा रहे हैं. आईआईटी प्रशासन ने साफ कहा है कि आईआईटी में छात्रों का एडमिशन और कर्मचारियों की नियुक्ति इसलिए की जाती है ताकि इंजीनियरिंग ,टेक्नोलॉजी साइंस और शिक्षा रिसर्च ज्ञान को और आगे न सिर्फ बढ़ाया जाए बल्कि इसका प्रसार भी किया जाए. आईआईटी प्रशासन ने साफ तौर पर कहा किसी भी सोशल मीडिया, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सार्वजनिक बयान रखने की कोई अनुमति नहीं होगी. साथ ही कोई भी राजनीतिक चर्चा या राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की भी अनुमति नहीं होगी.

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IIT प्रशासन ने कहा- हर साल जारी किए जाते हैं ऐसे सर्कुलर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रुड़की आईआईटी के इस सर्कुलर के बारे में जब आईआईटी प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हर साल एकेडमिक सेशन के लिए इस तरह सर्कुलर जारी किए जाते हैं. आईआईटी प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि हर साल एकेडमिक सेशन की शुरुआत में स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टाफ के बीच यह इंटर्नल एडवाइजरी जारी की जाती है. ऐसी एडवाइजरी हर साल इंस्टिट्यूट के अंदर मौजूद आचरण नियमों के अनुसार ही की जाती है. आईआईटी प्रशासन की तरफ से यह कोई नया निर्देश या पॉलिसी नहीं है.
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