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एक पेपर में 3 नंबर तो दूसरे में 100, JEE Advanced के मार्किंग सिस्टम पर IIT रुड़की ने दिया जवाब

जेईई एडवांस्ड के मार्किंग सिस्टम पर उठ रहे सवालों का जवाब अब IIT रुड़की की तरफ से दिया गया है. इसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे सभी दावे फर्जी हैं. साथ ही ये भी बताया गया है कि नंबरों में अंतर क्यों दिख रहा है.

एक पेपर में 3 नंबर तो दूसरे में 100, JEE Advanced के मार्किंग सिस्टम पर IIT रुड़की ने दिया जवाब
JEE Advanced के मार्किंग सिस्टम को लेकर उठ रहे थे सवाल

CBSE के मार्किंग सिस्टम को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने JEE Advanced में भी गड़बड़ी का दावा किया है. सोशल मीडिया पर कई ऐसे स्क्रीनशॉट शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें छात्रों के पहले पेपर में काफी कम नंबर हैं और दूसरे पेपर में उन्हें पूरे नंबर मिले हैं. कुछ जगह पहले पेपर में 3 से 10 नंबर होने और दूसरे में 100 से ज्यादा नंबर मिलने का भी दावा है. इस पूरे मामले को लेकर अब IIT रुड़की ने जवाब दिया है. एनडीटीवी ने आईआईटी से संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने बताया कि मार्किंग में गड़बड़ी की खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं. 

सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे स्क्रीनशॉट

JEE Advanced के नंबरों में अंतर वाले कई स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर लगातार शेयर हो रहे हैं. इनमें दावा किया जा रहा है कि आखिर कैसे पहले और दूसरे पेपर के नंबरों में इतना बड़ा अंतर हो सकता है. कुछ लोगों ने इसे सीबीएसई के मामले से भी जोड़ने की कोशिश की, लेकिन अब आईआईटी रुड़की ने ऐसे तमाम दावों को खारिज कर दिया है. 

IIT रुड़की ने बताई पूरी कहानी

IIT रुड़की की तरफ से एक्स पर भी इस मामले को लेकर एक पोस्ट किया गया है. जिसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है ये जानकारी पूरी तरह से निराधार और गलत है. वायरल हो रही लिस्ट में दिख रहा कोई भी डेटा आधिकारिक तौर पर जारी किए गए रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है. कुछ छात्रों और अभिभावकों की तरफ से ये बात सामने आई है कि जेईई एडवांस्ड से जुड़ा फर्जी और मनगढ़ंत डेटा धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. इसमें छात्रों के रैंक, कुल नंबर और पेपर 1 व पेपर 2 के नंबरों में बड़ा अंतर दिखाया जा रहा है. 

दोनों पेपर में अंतर पर भी दिया जवाब

आईआईटी रुड़की की तरफ से नंबरों में भारी अंतर को लेकर भी जवाब दिया गया है. उन्होंने बताया, जहां तक पेपर 1 और पेपर 2 के नंबरों में बड़े अंतर की बात है, तो टॉप 10,000 छात्रों में से केवल 2 छात्रों के नंबरों में ही ऐसा बड़ा अंतर देखा गया है. ये कोई हैरान करने वाली बात नहीं है, क्योंकि दोनों पेपरों के नंबरों में उतार-चढ़ाव होना एक सामान्य बात है. परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था इस तरह की चीजों पर हर साल नजर रखती है और इसका पूरा विश्लेषण किया जाता है. इस साल आए रिजल्ट में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो अलग हो. 

IIT रुड़की ने बताया कि परीक्षा के सभी रिकॉर्ड और उससे जुड़े डेटा की पूरी तरह से जांच की जा चुकी है. जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर नकल, गड़बड़ी, गलत तरीके से मदद लेने, डेटा के साथ छेड़छाड़ या सुरक्षा में चूक का कोई भी सबूत नहीं मिला है.

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