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हिमाचल: 10वीं बोर्ड परीक्षा में आंसर शीट से छेड़छाड़ की फॉरेंसिक पुष्टि, पीड़ित छात्रों को मिलेंगे कंपंसेटरी मार्क्स

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) की फॉरेंसिक जांच में मार्च 2025 की 10वीं परीक्षा की कॉपियों से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है. बोर्ड ने अब पीड़ित छात्रों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है.

हिमाचल: 10वीं बोर्ड परीक्षा में आंसर शीट से छेड़छाड़ की फॉरेंसिक पुष्टि, पीड़ित छात्रों को मिलेंगे कंपंसेटरी मार्क्स
हिमाचल प्रदेश: फॉरेंसिक लैब की जांच में पकड़ा गया परीक्षा फर्जीवाड़ा, 'टैम्पर-प्रूफ' लिफाफे बदलकर हुई थी नंबरों की हेराफेरी. (सांकेतिक तस्वीर)

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) के एग्जामिनेशन सिस्टम में बहुत बड़ी धांधली का खुलासा हुआ है. फॉरेंसिक जांच में यह पूरी तरह साबित हो गया है कि मार्च 2025 में आयोजित हुई मैट्रिक बोर्ड परीक्षा (10th Board Exam 2025) के दौरान छात्रों की आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने अब छात्रों के हक में एक बड़ा फैसला लिया है.

छात्रों की लिखित शिकायत के बाद खुली पोल

बोर्ड के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि यह पूरा मामला बिलासपुर जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झंडूता परीक्षा केंद्र का है. इस सेंटर पर कुल 40 छात्र परीक्षा में बैठे थे, जिनमें गवर्नमेंट हाई स्कूल, जेओरा के 11 छात्र भी शामिल थे. परीक्षा के बाद आर्ट्स स्ट्रीम के 9 छात्रों ने बोर्ड को लिखित शिकायत दी थी कि उनकी आंसर शीट के मल्टीपल चॉइस क्वेश्चंस (MCQ) सेक्शन में हेरफेर की गई है.

फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में हुआ सच का खुलासा

शिकायत मिलने के बाद अक्टूबर 2025 में छात्रों को बोर्ड मुख्यालय बुलाया गया और विषय विशेषज्ञों के सामने उनकी कॉपियों की जांच की गई. इसके बाद पुख्ता सबूतों के लिए आंसर शीट को क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL), धर्मशाला भेजा गया. फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही कॉपियों में छेड़छाड़ किए जाने की बात सच साबित हो गई.

टैम्पर-प्रूफ लिफाफे बदलकर की गई धांधली

बोर्ड द्वारा बनाई गई विशेष जांच कमेटी की पड़ताल में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई. परीक्षा केंद्र से कॉपियां भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले "टैम्पर-प्रूफ" (जिससे छेड़छाड़ न की जा सके) लिफाफों के सीरियल नंबर और पैकिंग मेमो में दर्ज नंबर आपस में मेल नहीं खा रहे थे. इससे साफ है कि परीक्षा केंद्र पर या कॉपियों के रख-रखाव के दौरान लिफाफों को आपस में बदला गया था.

पीड़ित छात्रों को मिलेंगे एक्स्ट्रा मार्क्स

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने साफ किया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में छात्रों की कोई गलती नहीं है. उनके शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बोर्ड ने नियमों के तहत प्रभावित सवालों के बदले छात्रों को कंपंसेटरी मार्क्स देने का फैसला किया है. इसके साथ ही बोर्ड ने आगे की सख्त कार्रवाई के लिए सभी जरूरी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंप दी है.

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