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Harvard neuroscience professor ने बताया, जो पढ़ें उसे याद कैसे रखें

हार्वर्ड से जुड़े न्यूरोसाइंस विशेषज्ञ के अनुसार, अगर सही तकनीक अपनाई जाए तो पढ़ी हुई जानकारी लंबे समय तक याद रखी जा सकती है. 

Harvard neuroscience professor ने बताया, जो पढ़ें उसे याद कैसे रखें

अक्सर छात्रों के साथ ऐसा होता है कि वे घंटों पढ़ाई करते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद वही विषय याद नहीं रहता. परीक्षा के समय लगता है कि सब कुछ दिमाग से निकल गया है. कई लोग इसे कमजोर याददाश्त मान लेते हैं, जबकि विज्ञान कहता है कि समस्या याददाश्त की नहीं, बल्कि पढ़ने के तरीके की हो सकती है. हार्वर्ड से जुड़े न्यूरोसाइंस विशेषज्ञ के अनुसार, अगर सही तकनीक अपनाई जाए तो पढ़ी हुई जानकारी लंबे समय तक याद रखी जा सकती है. 

क्यों भूल जाता है हमारा दिमाग

मानव मस्तिष्क हर दिन बड़ी मात्रा में जानकारी ग्रहण करता है. यदि जानकारी को सही तरीके से समझा और दोहराया न जाए तो मस्तिष्क उसे गैर-जरूरी मानकर धीरे-धीरे भूलने लगता है. ध्यान की कमी, लगातार डिजिटल डिस्ट्रैक्शन, रटकर पढ़ना और पर्याप्त दोहराव न करना भूलने के प्रमुख कारण हैं. 

Harvard neuroscience professor ने बताया, जो पढ़ें उसे याद कैसे रखें

Harvard में न्‍योरोसाइंस की प्रोफेसर Tracey Tokuhama-Espinosa ने इस पर एक शोध किया. जिसके बाद उन्‍होंने पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रखने के ये सुझाव दिए हैं- 

पढ़ने का सही तरीका ये है 

केवल शब्द याद करना पर्याप्त नहीं है. किसी भी विषय को अपने अनुभव, पहले से मौजूद ज्ञान या वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जोड़कर समझें. जब नई जानकारी किसी पुरानी जानकारी से जुड़ती है, तो उसे याद रखना आसान हो जाता है. 

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सीखने का सही तरीका चुनें

हर व्यक्ति का सीखने का तरीका अलग होता है. कुछ लोग चित्रों और चार्ट से बेहतर सीखते हैं, कुछ सुनकर और कुछ अभ्यास करके. इसलिए यह जरूरी नहीं कि जो तरीका आपके दोस्त के लिए काम करता है, वही आपके लिए भी प्रभावी हो. सीखने की शैली पहचानें और उसी के अनुसार पढ़ाई करें. 

पढ़ाई का माहौल 

मोबाइल नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और शोर-शराबा ध्यान भंग करते हैं. न्यूरोसाइंस रिसर्च बताती है कि ध्यान केंद्रित होने पर जानकारी बेहतर तरीके से मस्तिष्क में संग्रहित होती है. इसलिए पढ़ाई के समय शांत वातावरण चुनें और अनावश्यक व्यवधानों से बचें. 

स्पेस्ड रिपीटिशन अपनाएं

एक बार में कई घंटे पढ़कर सब कुछ याद करने की कोशिश करना प्रभावी नहीं होता. इसके बजाय कुछ दिनों के अंतराल पर विषय को दोबारा पढ़ना अधिक फायदेमंद होता है. इसे स्पेस्ड रिपीटिशन कहा जाता है. यह तकनीक जानकारी को शॉर्ट-टर्म मेमोरी से लॉन्ग-टर्म मेमोरी में पहुंचाने में मदद करती है. 

सीखी हुई चीजों का दूसरों को समझाएं 

किसी विषय को वास्तव में सीखने का सबसे अच्छा तरीका है उसे किसी और को समझाना या वास्तविक जीवन में लागू करना. जब आप किसी अवधारणा को अपने शब्दों में समझाते हैं, तो मस्तिष्क उसे और गहराई से प्रोसेस करता है. यही कारण है कि टीच टू लर्न तकनीक को बेहद प्रभावी माना जाता है. 

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