Do You Know: क्या आप जानते हैं कि एशिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में है. इसे ना सिर्फ देश बल्कि एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालयों में गिना जाता है. यह यूनिवर्सिटी लगभग 1300 एकड़ में फैली हुई है और अपनी ऐतिहासिक विरासत, शिक्षा की गुणवत्ता और विशाल कैंपस के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. जानें इसके बारे में.
एशिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी
इस यूनिवर्सिटी का नाम है- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मौजूद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यानी BHU. BHU की स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय ने साल 1916 में की थी. इस विश्वविद्यालय को बनाने का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाना था. BHU में लाखों छात्र पढ़ाई कर चुके हैं और हजारों छात्र यहां अलग-अलग कोर्स में अध्ययन कर रहे हैं.
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विश्वविद्यालय का विशाल कैंपस
विश्वविद्यालय का कैंपस इतना बड़ा है कि यहां छात्रों के लिए हॉस्टल, लाइब्रेरी, अस्पताल, खेल मैदान, रिसर्च सेंटर और मंदिर तक मौजूद हैं. BHU का सर सुंदरलाल अस्पताल पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतलों में गिना जाता है. यहां देशभर से मरीज इलाज कराने आते हैं.
किन विषयों की होती है पढ़ाई
BHU में इंजीनियरिंग, मेडिकल, साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स, लॉ और मैनेजमेंट सहित कई विषयों की पढ़ाई होती है. IIT BHU भी इसी कैंपस का हिस्सा है, जो इंजीनियरिंग छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, यहां की सेंट्रल लाइब्रेरी देश की सबसे बड़ी विश्वविद्यालय लाइब्रेरी में शामिल है.
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कैसा है वातावरण
विश्वविद्यालय का वातावरण छात्रों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने का मौका देता है. हर साल यहां कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होते हैं. BHU सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का प्रतीक भी माना जाता है. हरियाली से भरा इसका परिसर किसी छोटे शहर जैसा महसूस होता है.
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