दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब इंतजार बस दाखिले की पहली सूची का है. प्रवेश प्रक्रिया 4 दिसंबर से शुरू हुई थी. जो कि 27 दिसंबर तक चली थी. बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए आवेदन इस दौरान किए थे. शिक्षा निदेशालय (डीओई) के आदेशों का पालन करते हुए स्कूल ने 9 जनवरी को सभी आवेदकों का विवरण अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. जबकि अब 16 जनवरी को प्रत्येक बच्चे को दिए गए अंक जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही पहली सूची व प्रतीक्षा सूची 23 जनवरी को जारी की जाएगी. जबकि दूसरी सूची 9 फरवरी को जारी की जाएगी.
अभिभावक 24 जनवरी से 3 फरवरी तक दिए गए अंक पर स्पष्टीकरण मांग सकेंगे. इसी तरह से प्रवेश प्रक्रिया 19 मार्च को खत्म हो जाएगा.
कहां अपलोड की जाएगी सूची
स्कूल अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर पहली सूची जारी करेंगे. इसलिए जिस स्कूल में आपने बच्चे के एडमिशन के लिए आवेदन किया है. उस स्कूल की वेबसाइट को चेक करते रहें. 16 जनवरी को हर बच्चे को दिए गए अंक जारी किए जाएंगे. इसके बाद पहली सूची अपलोड की जानी है. दाखिले की पहली सूची 23 जनवरी को जारी होगी. जिन भी बच्चों के नाम सूची में आएंगे, उन्हें फिर स्कूल द्वारा बुलाया जाएगा और कुछ जरूरी दस्तावेज भी मांगे जाएंगे.
पैरामीटर / क्राइटेरिया-
दिल्ली के निजी स्कूलों ने दाखिले के लिहाज से अपने-अपने क्राइटेरिया रखा हैं. जिसमें 'स्कूल के पते से बच्चे के घर की दूरी' सबसे अधिक अंक वाला कारक है और कुछ स्कूलों ने इसे 55 अंक तक दिए हैं. हर स्कूले के अपने पैरामीटर होते हैं. जैसे द्वारका स्थित इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल ने स्कूल से 0-12 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले आवेदकों को अधिकतम 55 अंक आवंटित किए हैं, इसके बाद 12-15 किलोमीटर दूर रहने वालों के लिए 45 अंक तथा 15 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 35 अंक निर्धारित किए गए हैं स्कूल ने पहले से पढ़ रहे छात्र के भाई-बहन, पूर्व छात्र और कर्मचारियों के बच्चे वाली श्रेणियों के लिए 15-15 अंक निर्धारित किए हैं.
ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल ने चार किलोमीटर के दायरे में रहने वाले या स्कूल परिवहन वाले इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए 50 अंक निर्धारित किए हैं.
डीओई के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च, 2026 को तीन से 4 वर्ष, केजी के लिए चार से पांच वर्ष और कक्षा पहली के लिए पांच से छह वर्ष होनी चाहिए. आयु में अधिकतम एक महीने की छूट दी जा सकती है. ये स्कूल के प्रिसिपंल पर होगा कि वो ये छूट देना चाहते हैं कि नहीं.
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